शिवराज के खास IAS अफसर को गिफ्ट में मिला पेट्रोल पंप

शिवराज के खास IAS अफसर को गिफ्ट में मिला पेट्रोल पंप
खबर नेशन / Khabar Nation

मध्यप्रदेश में कामकाज बढ़ा रही कंपनी ने अभी तक के इतिहास में किसी आय ए एस अफसर को सबसे बड़ा गिफ्ट दिया है । सालों से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खासुलखास बनें एक आय ए एस अधिकारी को पेट्रोल पंप ही गिफ्ट कर दिया है । यह गिफ्ट उक्त अधिकारी के एक चहेते सेवक के नाम पर दिया गया है ।

मंत्री की पत्नी की मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर दादागिरी

मध्यप्रदेश के एक मंत्री की पत्नी अपनी बिल्डिंग का मेंटेनेंस शुल्क नहीं चुका रही हैं । पीड़ित पक्ष शिकायत लेकर न्यायालय में पहुंच गए हैं । बताया जा रहा है कि पीड़ित ने मंत्री की पत्नी के साथ साथ बिल्डर को भी लपेटे में ले लिया है ।

मुख्यमंत्री की अनुशंसा के बिना तबादला कर दिया

मध्यप्रदेश में सरकार बदलने की आपाधापी में एक आय ए एस अफसर अपना कमाल दिखा गये । एक पूर्व मंत्री के सिफारिश पत्र पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हस्ताक्षर होते ही अपने मातहत की मनचाही पदस्थापना कर डाली । आय ए एस अफसर ने प्रस्ताव पर स्वीकृति लिए बिना ही आदेश जारी करवा दिया । बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री के माध्यम से मुख्यमंत्री निवास में एक ताकतवर शख्स को बड़ी रकम दी गई थी और इसी के साथ ही आय ए एस अफसर ने भी बड़ी रकम झटक ली । इस मामले को लेकर शिकायत भी की गई लेकिन मामला मुख्यमंत्री निवास से जुड़ा होने के कारण दबा दिया गया । मामला उसी विभाग का है जिसको लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अक्सर गंभीर आरोप लगते रहते हैं।

स्टार प्रचारकों की सूची में प्रोटोकॉल की हेर-फेर

मध्यप्रदेश में चल रहे उपचुनाव और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में हो रहे चुनावों को लेकर स्टार प्रचारकों के सहारे भाजपा कांग्रेस एक दूसरे पर तीखे व्यंग्य बाण छोड़ रही है । कहीं ताकत तो कहीं समझौते की झलक स्टार प्रचारकों की सूची में नज़र आई । कांग्रेस अपने अंदाज को लेकर तो हमेशा एक ही शैली की शिकार रही है लेकिन मामला भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची के विश्लेषण करने का है । भाजपा की सूची में राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय का नाम शामिल हैं जो शायद ही मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार करने आ पाएं । केन्द्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल को भी उमा भारती के सहारे झटका देने की कवायद की गई ।

पुनर्वास में पीछे

अपने कार्यकाल के पहले चरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने निकटवर्तियों का जमकर पुनर्वास कर रहे थे । सीहोर कलेक्टरी से चर्चित हुए एस के मिश्रा इसका सबसे पहला उदाहरण थे । बाद में शिवराज के मुताबिक काम करने वाले अफसरों को चाहे संवैधानिक संस्थाओं के दबाव में हटाना पड़ा हो पर शिवराज उनके पुनर्वास को लेकर देर सबेर कदम उठा ही लेते थे । दूसरी पारी में शिवराज अब इस अंदाज से बच रहे हैं । खासकर मुख्य सचिव स्तर से सेवानिवृत होने वाले अधिकारी हताश भी हैं और निराश भी । उदाहरण बतौर कमलनाथ के राज में मुख्यसचिव रहे सुधिरंजन मोहंती और एम गोपाल रेड्डी के साथ तो वर्तमान सरकार दुश्मनी के अंदाज में व्यवहार कर रही है ।  अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के पी सी मीणा हनीट्रैप मामले में उलझे होने के कारण निराश हैं । हाल ही में अतिरिक्त मुख्य सचिव से रिटायर्ड हुए ए पी श्रीवास्तव के रेरा चेयरमैन बनने के बाद बाकी अधिकारियों में आस जगी है । इस माह अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव सेवानिवृत्त हो रहे हैं । पुनर्वास की फाईल तो चल रही है पर दिख नहीं रही ।

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