नवीन पाटीदार हत्याकांड: 15 लाख की सुपारी देकर रची गई थी साजिश, तीन और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 7 आरोपी गिरफ्त में
इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में हुए नवीन पाटीदार हत्याकांड ने शहर में काफी चर्चा बटोरी थी। इस मामले में लगातार जांच कर रही पुलिस को अब महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने हत्या की साजिश में शामिल तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह हत्या किसी अचानक हुए विवाद का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चल रही रंजिश और सुनियोजित साजिश थी। जांच में मिले सुरागों से पता चला है कि नवीन पाटीदार को निशाना बनाने के लिए पहले से पूरी तैयारी की गई थी। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां तय की थीं और हत्या के लिए पेशेवर शूटरों की मदद ली गई थी।
राऊ हत्याकांड की जांच में सामने आए नए तथ्य
हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू की थी। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंची। जांच के दौरान यह भी पता चला कि मुख्य आरोपियों और मृतक के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने आगे चलकर एक बड़ी साजिश का रूप ले लिया।
पुलिस ने हाल ही में राहुल मराठा, शुभम और राजू को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिससे पूरे घटनाक्रम की परतें खुलने लगी हैं। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के बीच लगातार संपर्क था और वारदात को अंजाम देने के लिए पहले से रणनीति बनाई गई थी। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम तक पहुंचाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
सुपारी किलिंग और संगठित अपराध के एंगल पर जांच
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हत्या के लिए दी गई 15 लाख रुपये की सुपारी का पूरा लेन-देन कैसे हुआ। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़े हुए थे या फिर यह मामला केवल व्यक्तिगत रंजिश तक सीमित था। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की योजनाबद्ध हत्या में कई स्तरों पर सहयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के वर्षों में व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़े मामलों में तकनीक और पेशेवर अपराधियों के इस्तेमाल की घटनाएं बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में मोबाइल डेटा, डिजिटल ट्रांजैक्शन और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच का सबसे अहम हिस्सा बन जाते हैं। नवीन पाटीदार हत्याकांड में भी पुलिस इन्हीं माध्यमों से पूरे नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
फिलहाल सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। वहीं शहर में लोग भी इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।