भोपाल में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: गड़े खजाने के लालच में पिता ने बेटी की दी बलि, तीन महीने बाद हुआ सनसनीखेज खुलासा
भोपाल में अंधविश्वास का एक ऐसा खौफनाक चेहरा सामने आया है जहाँ एक बाप ने अपनी ही बेटी को गड़े खजाने के लालच में बलि दे दी इस घटना का तीन महीने बाद सनसनीखेज खुलासा हुआ.पुलिस अधीक्षक भोपाल (देहात) पंकज कुमार पाण्डेय ने बताया कि 3 अप्रैल 2026 को सूखीसेवनिया थाना क्षेत्र में रहने वाली महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी खलिहान में परिवार के साथ सो रही थी, तभी देर रात कोई अज्ञात व्यक्ति उसे उठाकर ले गया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया। इसी दौरान 7 मई को घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर एक खेत में मानव कंकाल बरामद हुआ। पुलिस ने फॉरेंसिक जांच शुरू कराई और कंकाल की पहचान के प्रयास शुरू किए। जांच के दौरान एक और अहम बात सामने आई कि बच्ची का पिता अचानक घर छोड़कर गायब हो गया था। पत्नी ने भी उसके व्यवहार को लेकर पुलिस के सामने संदेह जताया, जिससे जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।
लगातार तीन महीने तक की गई जांच के बाद पुलिस को आरोपी के विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र में होने की सूचना मिली। 14 जुलाई को उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे विश्वास था कि जमीन में सोने-चांदी का खजाना दबा हुआ है और उसे निकालने के लिए मानव बलि देना जरूरी है। इसी अंधविश्वास के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपनी ही बेटी की हत्या की साजिश रची। वारदात वाली रात बच्ची को खलिहान से ले जाकर पहले डंडे से बेरहमी से पीटा गया। इसके बाद उसकी मौत सुनिश्चित करने के लिए गला घोंट दिया गया। नब्ज जांचकर मौत की पुष्टि करने के बाद तीनों आरोपियों ने शव को खेत में गड्ढा खोदकर मिट्टी में दफना दिया और ऐसे हालात बनाए कि मामला अपहरण का लगे।
जांच में आरोपी के कबूलनामे और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और आपराधिक षड्यंत्र सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया डंडा भी बरामद कर लिया गया है।
मुख्य आरोपी पिता फिलहाल पुलिस गिरफ्त में है, जबकि वारदात में शामिल उसके दोनों साथी फरार हैं। उनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे षड्यंत्र और अंधविश्वास के नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
भोपाल में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: गड़े खजाने के लालच में पिता ने बेटी की दी बलि, तीन महीने बाद हुआ सनसनीखेज खुलासा