​एमपी कांग्रेस का बड़ा हमला: 'MP घोटालों की नर्सरी, 10 साल में 85 बार पेपर लीक'; युवाओं के हक में 14 जुलाई से 'युवा स्वाभिमान साइक्लोथॉन'

​एमपी कांग्रेस का बड़ा हमला: 'MP घोटालों की नर्सरी, 10 साल में 85 बार पेपर लीक'; युवाओं के हक में 14 जुलाई से 'युवा स्वाभिमान साइक्लोथॉन'


​भोपाल। मध्य प्रदेश में युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था में धांधली और लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दों को लेकर कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। शनिवार को भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह और पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए।
​कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा ने 'केजी से पीजी' (KG to PG) तक की शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया है। इसके खिलाफ युवाओं में जागरूकता पैदा करने के लिए कांग्रेस 14 जुलाई से इंदौर से भोपाल तक 'युवा स्वाभिमान जेन-जी साइक्लोथॉन' निकालने जा रही है।


​1. जीतू पटवारी का बड़ा आरोप: 'मध्य प्रदेश घोटालों की नर्सरी, आंकड़ों की बाजीगरी कर रही सरकार'


​पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि आज देश और प्रदेश का भविष्य अंधकार में है। नीट (NEET) जैसी परीक्षाओं में हुई धांधली के कारण देश के 17 होनहार छात्रों को आत्महत्या करनी पड़ी, जिनमें मध्य प्रदेश के छात्र भी शामिल हैं।


​पेपर लीक और घोटालों का 'ब्लैक ट्रैक रिकॉर्ड'


जीतू पटवारी ने आंकड़ों के साथ सरकार को घेरते हुए कहा:
​देश में पेपर लीक: पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में 85 बार पेपर लीक हुए हैं, जिससे 2 करोड़ छात्रों का भविष्य बर्बाद हुआ। अकेले NEET 2026 में 20 से 24 लाख छात्र प्रभावित हुए और पेपर 30-30 लाख रुपये में बेचे गए।
​घोटालों की नर्सरी बना एमपी: मध्य प्रदेश में 2013 के व्यापम घोटाले से शुरू हुआ सिलसिला 2021 के कृषि विस्तार अधिकारी घोटाले, 2023 के पटवारी घोटाले (फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र), 2024-26 के नर्सिंग घोटाले और 2025 के फर्जी मार्कशीट घोटाले तक बदस्तूर जारी है।
​भ्रष्टाचारियों को ईनाम: पटवारी ने आरोप लगाया कि व्यापम के मुख्य आरोपियों (अजय गोयंका और सुधीर शर्मा) को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाया गया। परीक्षा नियंत्रक रहे सुधीर भदोरिया को RGPV में डायरेक्टर और बिना परीक्षा पास किए राजेश लाल मेहरा को MPPSC का अध्यक्ष बना दिया गया।


रोजगार के आंकड़ों में हेराफेरी


​जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में 1 करोड़ से अधिक युवा बेरोजगार हैं। रोजगार पोर्टल पर अचानक बेरोजगारों की संख्या 25.35 लाख से घटाकर 17.90 लाख कर दी गई, लेकिन सरकार यह नहीं बता सकी कि इन युवाओं को नौकरी कहाँ मिली? मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 साल में 2.5 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था, लेकिन ढाई साल बीतने के बाद भी यह खोखला साबित हुआ। वर्तमान में सरकारी विभागों में 4,87,000 (लगभग 40%) पद खाली पड़े हैं, जबकि 2 लाख पदों को 'डाइंग कैटेगरी' में डालकर खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री खुद पॉडकास्ट में कहते हैं कि उनका सरकारी नौकरी में इंटरेस्ट नहीं है।


​2. जयवर्धन सिंह का हमला: 'NTA पीएम केयर्स फंड जैसी अपारदर्शी संस्था, चोर से ही कराई जा रही चोरी की जांच'


​पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के गठन और उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 2017-18 में गठित NTA को आज तक वैधानिक (Statutory) दर्जा नहीं मिला है। यह 'पीएम केयर्स फंड' की तरह अपारदर्शी है, जिसकी जवाबदेही संसद के प्रति भी नहीं है।


​NTA अध्यक्ष प्रदीप जोशी पर गंभीर आरोप


​जयवर्धन सिंह ने कहा कि NTA के वर्तमान अध्यक्ष प्रदीप जोशी का इतिहास दागदार रहा है। 2006 से 2011 के बीच जब वे MPPSC के अध्यक्ष थे, तब उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। जांच करने के बजाय उन्हें छत्तीसगढ़ PSC, फिर UPSC और अब NTA का अध्यक्ष बना दिया गया। NEET 2024-2026 घोटाले में जब इतिहास में पहली बार 65 छात्रों को 100% अंक मिले, तो जांच कमेटी में खुद प्रदीप जोशी को रख दिया गया। यह "चोर से ही चोरी की जांच कराने" जैसा है।
​उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षाओं का पूरी तरह से कॉर्पोरेटाइजेशन और निजीकरण कर दिया गया है, और RSS-भाजपा से जुड़े निजी ठेकेदारों को आउटसोर्सिंग के जरिए ठेके दिए जा रहे हैं।


3. प्रियव्रत सिंह का ऐलान: '14 जुलाई से उठेगी बदलाव की आवाज़, निकलेगी साइक्लोथॉन'


​पूर्व मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश का युवा आज अपने भविष्य को लेकर सबसे ज्यादा चिंतित है क्योंकि यहाँ भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों को संरक्षण और प्रमोशन मिलता है। राहुल गांधी जी की प्रेरणा से मध्य प्रदेश कांग्रेस ने युवाओं की आवाज बुलंद करने के लिए एक विशेष समिति बनाई है।
​युवा स्वाभिमान जेन-जी साइक्लोथॉन: युवाओं के अधिकारों के लिए 14 जुलाई को इंदौर से इस साइक्लोथॉन की शुरुआत होगी। यह यात्रा देवास और सीहोर होते हुए 15 जुलाई को भोपाल पहुँचेगी। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को उनके अधिकारों के प्रति जगाना और भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाना है।


कांग्रेस की सरकार से 7 मुख्य माँगें और संकल्प


​कांग्रेस नेताओं ने संयुक्त रूप से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार के सामने निम्नलिखित माँगें रखीं:
1.​ यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड: 'यूनिफॉर्म सिविल कोड' की जगह 'यूनिफॉर्म एजुकेशन कोड' लागू हो, जिससे KG से PG तक हर बच्चे को मुफ्त और समान शिक्षा मिले।
​2. सख्त भर्ती समय-सीमा (Recruitment Law): कड़ा कानून बनाकर सालाना भर्ती कैलेंडर जारी हो। कोई भी पद 2 साल से ज्यादा खाली न रहे।
3. ​वन-टाइम फीस प्रणाली: छात्रों से बार-बार परीक्षा फीस वसूलना बंद हो। परीक्षा रद्द होने पर ब्याज सहित फीस वापस मिले।
4. ​विशेष न्यायालय (Fast Track Courts): पेपर लीक माफियाओं पर लगाम कसने के लिए विशेष अदालतें बनें और 30 दिन के भीतर फैसला हो।
5. ​स्वतंत्र भर्ती आयोग: चुनाव आयोग की तर्ज पर पूरी तरह से स्वायत्त 'भर्ती आयोग' और 'विश्वविद्यालय भर्ती आयोग' का गठन हो, जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप शून्य हो।
6. ​छात्र संघ चुनाव: कॉलेजों में लोकतांत्रिक माहौल बहाल करने के लिए छात्र संघ चुनाव तुरंत कराए जाएं।
​7.पूर्ण पारदर्शिता: भर्ती प्रक्रिया का पब्लिक ऑडिट हो, कॉपियां और मेरिट लिस्ट सार्वजनिक की जाएं। पटवारी घोटाले की 'जस्टिस वर्मा आयोग' की रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक किया जाए।


​इस पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, जिला भोपाल कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना सहित युवा मामलों की समिति के कई वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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