NEET री-एग्जाम को लीक-प्रूफ बनाने की सबसे बड़ी तैयारी, पहली बार वायुसेना करेगी प्रश्नपत्रों की सुरक्षा


नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। मई में हुई परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बाद सरकार किसी भी तरह की चूक नहीं चाहती। यही कारण है कि इस बार पहली बार प्रश्नपत्रों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी गई है। वायुसेना के विमान देशभर के 18 महत्वपूर्ण स्थानों तक प्रश्नपत्रों को एयरलिफ्ट करेंगे, जिससे परिवहन के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या लीक की संभावना को लगभग खत्म किया जा सके। 

21 जून को होगा री-एग्जाम


NEET-UG 2026 का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा। यह परीक्षा मई में आयोजित मूल परीक्षा रद्द होने के बाद कराई जा रही है। पेपर लीक के आरोपों के चलते सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह नए सुरक्षा ढांचे के तहत संचालित करने का फैसला लिया है। 

18 स्थानों तक वायुसेना पहुंचाएगी प्रश्नपत्र


रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारतीय वायुसेना अपने परिवहन विमानों और जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रश्नपत्रों के पैकेट देश के 18 निर्धारित केंद्रों तक पहुंचाएगी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में उन्हें परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में प्रश्नपत्रों की ‘चेन ऑफ कस्टडी’ को मजबूत रखने पर विशेष ध्यान दिया गया है ताकि किसी भी स्तर पर लीक की संभावना न रहे।

 

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परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों, मॉडरेटरों और विभिन्न भाषाओं में अनुवाद करने वाले ट्रांसलेटरों को एक गुप्त और अत्यधिक सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। उन्हें 21 जून तक बाहरी दुनिया से पूरी तरह अलग रखा जाएगा। मोबाइल फोन, लैपटॉप, इंटरनेट, स्मार्टवॉच और अन्य संचार उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। 

मल्टी-लेयर सुरक्षा व्यवस्था

सरकार ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में विभाजित किया है। प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर प्रिंटिंग, पैकिंग, परिवहन और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की हर प्रक्रिया पर अलग-अलग एजेंसियों की निगरानी रहेगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि फर्जी पेपर, अफवाहों और संभावित लीक नेटवर्क पर नजर रखी जा सके। 

पेपर लीक माफिया पर लगाम लगाने की कोशिश

अधिकारियों का मानना है कि पिछले वर्षों में पेपर लीक की घटनाओं में प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण के दौरान सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिशें हुई थीं। इस बार वायुसेना की भागीदारी और विशेषज्ञों के लॉकडाउन जैसी व्यवस्थाएं उन सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफियाओं के नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई हैं जो परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहे थे। 


नया अपडेट: संसद की समिति ने भी मांगी रिपोर्ट

ताजा घटनाक्रम में संसद की एक समिति ने स्वास्थ्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, NTA और मेडिकल शिक्षा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया है। समिति री-एग्जाम की तैयारियों और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करेगी ताकि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। 

2027 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा की तैयारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए 2027 से NEET-UG को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की योजना है। इससे प्रश्नपत्रों की छपाई और परिवहन की आवश्यकता कम होगी तथा परीक्षा प्रणाली और अधिक सुरक्षित बन सकेगी। 

 

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