संसद में गूंजा NEET का मुद्दा, छात्रों पर कथित लाठीचार्ज को लेकर सरकार घिरी

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में NEET परीक्षा और छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते भारी हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

सदन में विपक्ष ने सरकार को घेरा

मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया है। विपक्ष ने सरकार से पूछा कि आखिर छात्रों के साथ बल प्रयोग की नौबत क्यों आई। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली, जिसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित रही।

संसद परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

NEET को लेकर बढ़ते राजनीतिक विवाद के बीच संसद परिसर और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। संसद के बाहर प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी का दौर भी जारी रहा।

छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बढ़ा विवाद

प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग और लाठीचार्ज की तस्वीरों एवं वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। विपक्ष ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।

NEET का मुद्दा बना राष्ट्रीय बहस का विषय

लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति और विरोध दर्ज कराना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार माना जाता है। ऐसे में यदि किसी प्रदर्शन के दौरान आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग हुआ है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होना भी उतना ही आवश्यक है। NEET का मुद्दा अब केवल परीक्षा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह छात्रों के अधिकार, पुलिस कार्रवाई और सरकार की जवाबदेही से जुड़ी राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन चुका है।

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