आपदा में अवसर तलाश नवजीवन हॉस्पिटल ने ली 2 मरीजों की जान

 

परिजनों का आरोप इलाज में लापरवाही , मरीज की बीमारी को छुपाना और गलत इलाज मौत की वजह 

खबर नेशन ने 7 दिन पूर्व "मरीजों से बदतमीजी और अभद्रता का केंद्र नवजीवन हॉस्पिटल" शीर्षक से बदहाली की ओर दिलाया था ध्यान 

खबर नेशन/ Khabar Nation

 मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण की आड़ में आपदा में अवसर तलाशते हुए नवजीवन हॉस्पिटल ने 2 मरीजों की जान ले ली। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई,  मरीज की बीमारी को छुपाया गया और मरीज को उचित इलाज नहीं दिया गया।

 गौरतलब है कि खबर नेशन ने 7 दिन पूर्व मरीजों से "बदतमीजी और अभद्रता का केंद्र नवजीवन हॉस्पिटल" शीर्षक से समाचार जारी करते हुए इस अस्पताल की बदहाली की ओर शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था।  समाचार में मानक स्तर पर खरा ना उतरने के बावजूद NABH की मान्यता,  बिना डॉक्टर और अनट्रेंड नर्सिंग स्टाफ के सहारे कर रहे इलाज को लेकर कमजोरियों की ओर ध्यान दिलाया था।  पूर्ण समाचार दी गई लिंक     
 http://khabarnation.com/health/Bhopal-Corona-Navjeevan   पर क्लिक कर पढ़ा जा सकता है।

 हालिया मामले इस प्रकार है कल देर शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक लड़की अपने नाना जी की मौत में लापरवाही बरतने का आरोप नवजीवन हॉस्पिटल पर लगाते हुए रो रही थी। जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि 18 अप्रैल को नवजीवन हॉस्पिटल में हथवास पिपरिया के परसराम मालवीय को भर्ती कराया गया था। जिनकी कोरोना संक्रमण संबंधी रैपिड रिपोर्ट नेगेटिव आई थी । मरीज के परिजन आशीष मालवीय ने बताया कि उनके पिताजी की मृत्यु 24 अप्रैल को हो गई । आशीष का कहना है कि उन्होंने 20 और 22 तारीख को इलाज में सुधार ना होता देखकर जब अस्पताल प्रबंधन से बीमारी और इलाज के दस्तावेज किसी अन्य डॉक्टर को दिखाने के लिए मांगे तो प्रबंधन द्वारा पेपर देने में आनाकानी की गई । उन्होंने कहा कि मैंने अस्पताल में दवाइयों सहित लगभग डेढ़ लाख रुपए जमा करवाए थे और इसके बाद अस्पताल प्रबंधन 110000 रुपए और मांग रहा है।  अभी तक ना तो इलाज के पूरे पेपर दिए गए हैं और ना ही कोरोनावायरस की रिपोर्ट । आशीष मालवीय ने बताया कि जिस दिन पिताजी की मृत्यु हुई उन को दी जा रही ऑक्सीजन हटा दी गई थी।

 इसी प्रकार देवास जिले के सतवास के रहने वाले अमित कुंडल का कहना है कि उनके पिता महेश कुंडल को 3 अप्रैल 2021 को नवजीवन हॉस्पिटल में सीने में घबराहट की वजह से एडमिट कराया गया था।  पिताजी की रैपिड रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। ऑक्सीजन देकर उन्हें थोड़ा इलाज दिया गया जिससे वे बेहतर महसूस कर रहे थे ।  आरटी पीसीआर कराने के बाद की रिपोर्ट नहीं दी गई है।  भर्ती होने के 2 दिन के बाद पिताजी की हालत  लगातार बिगड़ती चली गई । अमित का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में ढाई से ₹300000 जमा करवाए थे । इसके बाद भी उनके पिताजी के इलाज संबंधी पेपर और रिपोर्ट उन्हें नहीं दी जा रही है। अस्पताल में इलाज में गड़बड़ी को लेकर बाग सेवनिया थाने में मरीजों के परिजनों द्वारा रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है । अमित कुंडल द्वारा खबर नेशन और सोशल मीडिया पर जारी किए गए अपनी पीड़ा का पक्ष........माननीय  महोदय
अस्पताल का नाम - नवजीवन हॉस्पिटल भोपाल
मरीज का नाम - श्री महेश कुंडल
अस्पताल संचालक - अभिलाषा सोनी 95897 08680
3 अप्रैल 2021 को दोपहर में पापा को एडमिट किया था । नवजीवन हॉस्पिटल बागसेवनिया थाना के पास भोपाल । उन्हें उस समय कमजोरी बहुत लग रही थी और ऑक्सीजन लेवल कम हो रहा था ऐसा डॉक्टर्स ने बताया था ।उसके पश्चात उन्होंने korona होने का कहा और रेपिड टेस्ट करके ये बताया कि वो पॉजिटिव है ।उसके पश्चात उन्होंने govt test के लिए उसी दिन सेंपल लिया और बाद में बताया की वो भी पॉजिटिव आई है किंतु उसकी रिपोर्ट नही दिखाई ।हमने कई बार निवेदन किया किंतु रिपोर्ट नही दी ।उसके पश्चात लगातार उनकी हालत बिगड़ती गई, इसके पश्चात 7 april की रात में 2.30 बजे पापा ने फोन लगाकर ये कहा कि ये लोग मेरा Mask हटा रहे है और पानी भी नहीं पीला रहे है मेरा जी घबरा रहा है (इसी तरह उन्होंने पिछली रात को भी फोन करके कहा था लगभग उसी समय) और उन्होंने सुबह 5 बजे के आसपास भी फोन किया था किंतु वो call हम उठा नहीं सके और सुबह 6  बजे के पश्चात हॉस्पिटल से बताया की उनकी स्थिति बहुत खराब है । उसके बाद उन्होंने कहा की उन्हे अटैक आया था और डेथ हो गई। उसके बाद कई बार request करने के बाद भी न तो रिपोर्ट और न ही बिल दे रही है l
हॉस्पिटल के अनुसार उनकी death सुबह 6 बजे के आसपास silent attack से हुई (यह उन्होंने verbally bataaya) किंतु वह जानकारी हमे हॉस्पिटल से ना मिलकर, जब हम सुबह उनके लिए चाय लेकर गए तब भी वे कह रहे थे कि कभी भी उनकी आखरी सांस हो सकती हैं और तकरीबन 11 बजे उन्होंने finally हमे उनकी मृत्यु के बारे में बताया ।
कोविड की रिपोर्ट और हमने जो पैसे जमा किए उसके बिल भी आज दिनांक २१/०४/२०२१ तक नहीं दिए है।
नवजीवन हॉस्पिटल का नाम गवर्मेंट द्वारा बनाए गए कोविड सेंटर की सूची में भी नही है। फिर ये कोविड मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज केसे कर रहे है,ओर यदि covid सेंटर है ये रिपोर्ट और बिल क्यों नही दे रहे है।
मेरे द्वारा अभिलाषा मेडम को ओर हॉस्पिटल कर्मचारियों को कॉल करके बिल ओर रिपोर्ट कई बार मांगने का निवेदन किया किंतु हर बार इनके द्वारा टाल दिया जाता है मेरे नम्बर ब्लॉक कर दिए गए है जिससे मुझे कुछ अनिष्ट की शंका हैं जिसकी उचित जांच किया जाना आवश्यक हैं।
महोदय कृपया जांच पड़ताल कर  उचित कार्यवाही करे ,जिससे निकट भविष्य में किसी और मरीज के साथ इस तरह की घटना न हो।

अमित कुंडल 09752266399

जब इस बारे में नवजीवन हॉस्पिटल की संचालिका अभिलाषा जैन से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि हर मरीज की जानकारी उन्हें नहीं रहती है । वह हॉस्पिटल जाकर आधा घंटे बाद जानकारी एकत्रित कर खबर नेशन को देंगी ।समाचार जारी किए जाने तक दोबारा अभिलाषा जैन का कोई भी पक्ष सामने नहीं आ पाया ।

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