NEET परीक्षा 2026 को लेकर MP सरकार अलर्ट, सुरक्षा के कड़े इंतजाम; UCC पर CM मोहन यादव ने दिया बड़ा संकेत

मध्य प्रदेश में NEET परीक्षा 2026 को लेकर प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह तैयारी में जुट गया है। पिछले वर्षों में पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद इस बार सरकार किसी भी तरह की लापरवाही के मूड में नहीं है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ कहा है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही है ताकि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की एंट्री से पहले पहचान और दस्तावेजों का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही संवेदनशील और अधिक भीड़ वाले परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों को परीक्षा के दिन सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

NEET परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था पर सरकार का खास फोकस

इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा को लेकर कई स्तरों पर निगरानी रखी जाएगी। राज्य सरकार का मानना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। इसी वजह से पुलिस, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के बीच लगातार समन्वय किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई शहरों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण वहां ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग, पेयजल और मेडिकल सहायता जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभिभावकों को भी परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय प्रशासन को जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का भी मानना है कि परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ने से छात्रों का भरोसा मजबूत होगा। पिछले कुछ वर्षों में देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर उठे सवालों के बाद ऐसी व्यवस्थाएं काफी अहम मानी जा रही हैं।

 UCC पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान

NEET परीक्षा की तैयारियों पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार इस विषय पर लगातार आगे बढ़ रही है और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि महाकाल की कृपा रही तो समान नागरिक संहिता को इसी विधानसभा सत्र में पारित किया जा सकता है।

UCC लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय रहा है। इसके समर्थकों का कहना है कि इससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होगी, जबकि विरोधी पक्ष इसके सामाजिक और कानूनी पहलुओं पर अलग राय रखता है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फिलहाल राज्य सरकार की प्राथमिकता NEET परीक्षा को सफलतापूर्वक और बिना किसी विवाद के संपन्न कराना है। वहीं UCC को लेकर मुख्यमंत्री के ताजा बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा भी शुरू कर दी है। आने वाले दिनों में दोनों मुद्दों पर सरकार के अगले कदमों पर सभी की नजर बनी रहेगी।

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