इंदौर में रातभर चला ऑपरेशन क्लीन, 1458 बदमाशों की जांच, 736 पर कार्रवाई
इंदौर में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़े स्तर पर विशेष अभियान चलाया। 13 और 14 जून की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग इलाकों में सरप्राइज चेकिंग, कॉम्बिंग गश्त और निगरानी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने 1458 से ज्यादा बदमाशों और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की, जिनमें से 736 लोगों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में चारों जोन की पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से यह अभियान चलाया। शहर के कई संवेदनशील इलाकों, हॉटस्पॉट और अपराध प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई। अभियान के दौरान लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों तक पहुंचने और उनके खिलाफ लंबित कार्रवाई पूरी करने पर भी फोकस रखा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस तरह के ऑपरेशन का मकसद केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करना भी है ताकि भविष्य में अपराध की घटनाओं में कमी लाई जा सके।
326 वारंट तामील, निगरानीशुदा बदमाशों पर खास नजर
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि लंबे समय से लंबित वारंटों का निष्पादन रही। पुलिस ने 326 से अधिक वारंट तामील कराए, जिनमें स्थायी वारंट, गिरफ्तारी वारंट और जमानती वारंट शामिल हैं। इसके अलावा 138 समंस भी तामील किए गए। पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय गुंडों, निगरानीशुदा बदमाशों, नकबजनों, लुटेरों और चाकूबाजों की भी जांच की। कई आदतन अपराधियों को थानों में बुलाकर उनके डोजियर अपडेट किए गए और भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की चेतावनी दी गई। अधिकारियों का मानना है कि लगातार निगरानी और नियमित सत्यापन से अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है। यही वजह है कि इंदौर पुलिस अब तकनीक और फील्ड ऑपरेशन दोनों का एक साथ इस्तेमाल कर रही है।
ड्रोन पेट्रोलिंग से निगरानी, नशे और अवैध हथियारों पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान केवल वांछित अपराधियों पर ही नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 205 चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने और मादक पदार्थों का सेवन करने वालों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए। वहीं अवैध हथियार रखने वाले कई आरोपियों को पकड़कर आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। खास बात यह रही कि कई संवेदनशील इलाकों में ड्रोन पेट्रोलिंग का उपयोग किया गया, जिससे पुलिस को जमीन पर मौजूद टीमों के साथ रियल टाइम निगरानी में मदद मिली।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन आधारित निगरानी और लगातार कॉम्बिंग गश्त जैसे कदम बड़े शहरों में अपराध नियंत्रण के लिए काफी प्रभावी साबित हो रहे हैं। इंदौर पुलिस ने साफ किया है कि शहर में अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में रातभर चला ऑपरेशन क्लीन, 1458 बदमाशों की जांच, 736 पर कार्रवाई