नीमच में दो रेस्टोरेंट बंद, गंदगी और बिना लाइसेंस कारोबार का खुलासा
नीमच जिले में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। CM Helpline पर मिली शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मनासा क्षेत्र में दो रेस्टोरेंट पर छापा मारकर उन्हें तत्काल बंद करवा दिया। जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में गंदगी, अस्वच्छ माहौल और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। अधिकारियों ने मौके से कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का मकसद लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। हाल के वर्षों में खाद्य सुरक्षा को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ी है और CM Helpline जैसी व्यवस्था के जरिए आम नागरिक सीधे अपनी शिकायत प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। यही वजह है कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर जांच की।
खाद्य विभाग की कार्रवाई में क्या मिला?
सबसे पहले खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम बरलाई रोड स्थित देशी तड़का रेस्टोरेंट पहुंची। निरीक्षण के दौरान किचन में भारी गंदगी, अस्वच्छ बर्तन और खराब रखरखाव मिला। चिकन, अंडा करी और अन्य खाद्य सामग्री ऐसे माहौल में तैयार की जा रही थी, जो खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं था। जांच में यह भी पता चला कि रेस्टोरेंट का खाद्य पंजीयन पहले ही समाप्त हो चुका था, लेकिन इसके बावजूद कारोबार जारी था। अधिकारियों ने यहां से तीन खाद्य नमूने लिए और जनस्वास्थ्य को देखते हुए प्रतिष्ठान को बंद करवा दिया।
इसके बाद टीम ने रामपुरा रोड स्थित होटल किंग फिशर का निरीक्षण किया। यहां भी हालात चिंताजनक मिले। किचन में साफ-सफाई की कमी, खाद्य पदार्थों का गलत तरीके से भंडारण और बिना वैध लाइसेंस संचालन जैसी अनियमितताएं सामने आईं। मटन, मछली, चिकन और अन्य खाद्य सामग्री गंदगी के बीच तैयार की जा रही थी। टीम ने यहां से दो नमूने लेकर होटल को तत्काल प्रभाव से शट डाउन कर दिया।
खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन क्यों जरूरी है?
खाद्य सुरक्षा केवल नियमों का मामला नहीं बल्कि सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार अस्वच्छ वातावरण में तैयार भोजन फूड पॉइजनिंग, पेट संबंधी संक्रमण और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत सभी खाद्य कारोबारियों के लिए लाइसेंस और स्वच्छता मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।
दोनों प्रतिष्ठानों से लिए गए पांच नमूनों में लहसुन-प्याज ग्रेवी, मिर्च पाउडर, आटा और मक्का आटा जैसे खाद्य पदार्थ शामिल हैं। इनकी लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित संचालकों पर तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर नियमित जांच अभियान जारी रहेगा। वहीं इस कार्रवाई ने उन कारोबारियों को भी चेतावनी दी है जो बिना लाइसेंस या खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किए बिना कारोबार चला रहे हैं। आम लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं खाने-पीने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दिखाई दे तो वे तुरंत संबंधित विभाग या CM Helpline पर इसकी जानकारी दें।
नीमच में दो रेस्टोरेंट बंद, गंदगी और बिना लाइसेंस कारोबार का खुलासा