984 नव आरक्षक बने मध्यप्रदेश पुलिस का हिस्सा, इंदौर में भव्य दीक्षांत परेड आयोजित
984 नव आरक्षक बने मध्यप्रदेश पुलिस का हिस्सा, इंदौर में भव्य दीक्षांत परेड आयोजित
इंदौर। पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (पीटीसी) इंदौर में सोमवार को 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2025-26 के समापन अवसर पर भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया। लगभग एक वर्ष के कठिन प्रशिक्षण के बाद 984 नव आरक्षकों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर मध्यप्रदेश पुलिस बल में कदम रखा। समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस के महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
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DGP कैलाश मकवाणा ने ली परेड की सलामी
समारोह की शुरुआत आकर्षक दीक्षांत परेड से हुई। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षुओं का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय के पुलिस अधीक्षक वाहनी सिंह ने सभी नव आरक्षकों को कर्तव्यनिष्ठा, संविधान के प्रति सम्मान और जनसेवा की शपथ दिलाई।
984 आरक्षकों ने पूरा किया एक वर्ष का प्रशिक्षण
15 जून 2025 से प्रारंभ हुए इस प्रशिक्षण सत्र में कुल 984 नव आरक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, आधुनिक पुलिसिंग, शारीरिक दक्षता, हथियार संचालन, साइबर अपराध जांच तथा सामुदायिक पुलिसिंग जैसे विषयों का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।
788 महिला प्रशिक्षुओं ने दिखाई अपनी क्षमता
दीक्षांत परेड में शामिल 984 प्रशिक्षुओं में 788 महिला आरक्षक थीं, जिन्होंने अनुशासन, शारीरिक दक्षता और प्रशिक्षण के विभिन्न चरणों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। महिला प्रशिक्षुओं की बड़ी भागीदारी मध्यप्रदेश पुलिस में बढ़ती महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जनता का विश्वास ही पुलिस की सबसे बड़ी ताकत : DGP
अपने संबोधन में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है। उन्होंने नव आरक्षकों को संवेदनशील, जिम्मेदार और ईमानदार पुलिसकर्मी बनने की सीख देते हुए कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं बल्कि बड़ी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जनता के साथ बेहतर व्यवहार और निष्पक्ष कार्यशैली ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाती है।
साइबर अपराध और नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान
डीजीपी ने वर्तमान समय में बढ़ रहे साइबर अपराधों और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने नव आरक्षकों से तकनीकी रूप से दक्ष बनने और डिजिटल अपराधों की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभाने का आह्वान किया। साथ ही समाज को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण
समारोह के दौरान डीजीपी ने आगामी सिंहस्थ 2028 का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए पुलिस बल को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि विशाल आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संभाला जा सके।
उत्कृष्ट प्रशिक्षुओं को किया गया सम्मानित
प्रशिक्षण के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को ट्रॉफी, प्रमाण-पत्र और नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने प्रशिक्षुओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
आरोहण कार्यक्रम में दिखा साहस और टीम भावना का प्रदर्शन
दीक्षांत परेड के बाद आयोजित "आरोहण" कार्यक्रम में नव आरक्षकों ने रोमांचक एवं आकर्षक करतब प्रस्तुत किए। प्रशिक्षुओं ने टीम भावना, साहस, शारीरिक दक्षता और प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल का प्रदर्शन किया। उपस्थित अतिथियों और दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) रवि कुमार गुप्ता, पुलिस कमिश्नर इंदौर संतोष कुमार सिंह, पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (प्रशिक्षण) रचना भदौरिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
निष्कर्ष
इंदौर पीटीसी का यह दीक्षांत समारोह केवल प्रशिक्षण की समाप्ति नहीं बल्कि 984 नव आरक्षकों के लिए एक नई जिम्मेदारी की शुरुआत है। अब ये प्रशिक्षु मध्यप्रदेश पुलिस का हिस्सा बनकर कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और जनता की सुरक्षा के लिए अपनी सेवाएं देंगे।