कौन बनेगा बलि का बकरा ? मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव
मध्यप्रदेश की राजनीति में आने वाले दिनों में उथल-पुथल देखने मिल सकती है। मामला राज्यसभा चुनाव का है। राज्यसभा के लिए 3 सदस्य चुने जाना है। भारतीय जनता पार्टी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया है। संभावना है कि आखिरी समय में भाजपा तीसरे कैंडिडेट को उतारकर सरगर्मियां बढ़ा सकती है। तीसरा कैंडिडेट उतारने को लेकर दिल्ली में भाजपा की एक महत्वपूर्ण बैठक में आज फैसला हो जाएगा।
संभवतः घोषणा देर रात या कल सुबह हो सकती है। संभावित प्रत्याशी को तैयार रहने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। इस मामले में खबर नेशन के दर्शको को को विस्तार से समझा रहे देश के वरिष्ठ पत्रकार राजा शर्मा। राजा शर्मा हाट लाइन न्यूज नेटवर्क के संचालक हैं और सामाजिक, राजनीतिक आर्थिक मामलों में तीखी एवं गंभीर टिप्पणियां महत्वपूर्ण भूमिका के तौर पर रखते हैं।
आखिर क्यों उतार रही तीसरा प्रत्याशी ?
भाजपा घोषित उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के निर्वाचन के लिए विधानसभा में पर्याप्त वोट हैं। एक प्रत्याशी के लिए 58 वोट चाहिए। इस लिहाज से भाजपा के पास 164 विधायक हैं। दोनों प्रत्याशी को कुल 116 मत मिलने के बाद भाजपा के पास 48 मत बच रहे हैं। भाजपा एक निर्दलीय विधायक भारत विकास पार्टी के कमलेश्वर डोडियार और कांग्रेस की एक महिला विधायक निर्मला सप्रे का वोट पाकर तीसरे प्रत्याशी के लिए 50 वोट की जुगाड कर चुकी हैं।
कांग्रेस के 65 विधायक हैं। इस लिहाज से कांग्रेस के पास भी पर्याप्त मात्रा में 58 विधायक हैं। मौजूदा स्थिति में भाजपा को कांग्रेस के 8 विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। भाजपा कैसे समर्थन जुटाती है और कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रख पाती है यह कल भाजपा के तीसरे प्रत्याशी के नामांकन के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
आखिर कौन बनेगा बलि का बकरा ?
अब सवाल है कि आखिर कौन बनेगा बलि का बकरा ? भाजपा एक बार पहले भी अपना अतिरिक्त प्रत्याशी विनोद गोटिया के तौर पर उतारकर कांग्रेस को परेशानी में डाल चुकी है। हांलांकि भाजपा का उपरोक्त प्रत्याशी जीत नहीं पाया था। संभावना के अनुसार भाजपा किसी आदिवासी महिला, ओ बी सी चेहरा या कांग्रेस से आए वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी को उतार सकती है। संभावना यह भी है कि पार्टी भाजपा के वरिष्ठ नेता को प्रत्याशी बनाकर अपनी गंभीरता दिखा सकती है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शुमार मध्यप्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अचानक रात में इंदौर आकर वापस भोपाल पहुंच रहे हैं। राजनीतिक हलकों में कैलाश विजयवर्गीय के इस आगमन प्रस्थान को लेकर कयास लगना शुरू हो गये हैं कि कहीं कैलाश विजयवर्गीय ही प्रत्याशी तो नहीं रहेंगे। हम इस थ्योरी को नहीं मानते राजनीति में कई बार दिखाया कुछ और जाता है और होता कुछ और है।
क्या सफल होगी भाजपा ?
भाजपा का पूरा जोर कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक बढ़त लेना है। भाजपा तीसरे प्रत्याशी का चुनाव हारे या जीते कांग्रेस के खेमे में भ्रम जरुर फैला सकती है।