डॉग लवर्स या वर्चस्व की जंग?
इंदौर। विधानसभा-4 क्षेत्र में श्वानों को भोजन कराने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और संगठनात्मक वर्चस्व की जंग में तबदील होता नजर आ हैं। आरोप है कि विधायक समर्थकों और संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद ने देर रात मारपीट और हंगामे का रूप ले लिया। मामला इतना बढ़ा कि इसकी चर्चा संघ के सुदर्शन कार्यालय तक पहुंच गई और क्षेत्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विधानसभा 4 के ऊषा नगर क्षेत्र में आवारा श्वानों को भोजन कराने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। एक पक्ष का आरोप है कि विधायक समर्थकों से जुड़े कुछ लोगों ने संघ कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही डॉग बाइट की घटनाओं को देखते हुए रहवासियों को सावधान रहने की सलाह दी गई थी, जिसके बाद विवाद उत्पन्न हुआ और उनके साथ अभद्रता एवं मारपीट की गई।
वीरेंद्र शेंडके और शानू दिघे के नाम भी सामने
वही पूरे मामले में वीरेंद्र शेंडके का कहना है कि रणवीर राठौर और ऊषा नगर क्षेत्र के कुछ रहवासी श्वानों को एकत्रित कर भोजन करा रहे थे। बढ़ती डॉग बाइट घटनाओं को देखते हुए उन्होंने रहवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी थी, लेकिन इसी बात पर विवाद बढ़ गया और उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद मामला अन्नपूर्णा थाना पहुंचा, जहां देर रात तक दोनों पक्षों के समर्थकों की मौजूदगी के चलते भारी हंगामे की स्थिति बनी रही। सूत्रों के मुताबिक, विवाद में वीरेंद्र शेंडके और शानू दिघे के नाम भी सामने आए हैं। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं।
स्थानीय राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई
वही पूरे घटनाक्रम ने अब विधानसभा-4 की स्थानीय राजनीति में वर्चस्व की लड़ाई की चर्चाओं को भी हवा दे दी है। संघ से जुड़े कुछ पदाधिकारी और स्थानीय नेता विवाद को शांत कराने तथा मामले को राजनीतिक तूल लेने से रोकने के प्रयास में जुटे हैं। हालांकि, क्षेत्र में इस घटना को केवल डॉग लवर्स बनाम डॉग लवर्स या वर्चस्व की जंग? विवाद नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रही स्थानीय प्रभाव और वर्चस्व की खींचतान के रूप में भी देखा जा रहा है।
विधानसभा-4 प्रभारी को कारण बताओ नोटिस
वही पूरे मामले में भाजपा प्रदेश हेमंत खंडेलवाल की जानकारी में आने के बाद इंदौर भाजपा में अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के साथ ही विधानसभा-4 प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया साथ ही भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-4 के प्रभारी वीरेंद्र शेडगे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि हाल के दिनों में उनका आचरण पार्टी की विचारधारा और पक्ष के अनुरूप नहीं पाया गया तथा उनके खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
प्रभारी वीरेंद्र शेडगे को कारण बताओ सूचना पत्र जारी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर जारी इस पत्र में वीरेंद्र शेडगे को तत्काल प्रभाव से विधानसभा-4 प्रभारी पद से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में चेतावनी दी गई है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित किया जा सकता है। वही इस पूरे घटनाक्रम अभी भी गहमा गहमी का माहौल बना हुआ है, पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दोनों पक्ष थाने पर मौजूद हैं ।