राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026: मध्य प्रदेश को मिले दो राष्ट्रीय सम्मान, महाकाल परियोजना ने जीता स्वर्ण पुरस्कार
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में मध्य प्रदेश ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो बड़े राष्ट्रीय सम्मान अपने नाम किए हैं। उज्जैन की एआई आधारित महाकाल निगरानी प्रणाली को स्वर्ण पुरस्कार मिला है, जबकि ई-नगर पालिका विद साइबर सिक्योरिटी परियोजना को रजत सम्मान दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे तकनीक आधारित जनसेवा की बड़ी उपलब्धि बताया है।
मध्य प्रदेश को डिजिटल प्रशासन और तकनीक आधारित सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। भारत सरकार द्वारा घोषित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में प्रदेश की दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि न सिर्फ सरकारी विभागों के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह भी दिखाती है कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों तक बेहतर सेवाएं पहुंचाने में कितना प्रभावी साबित हो रहा है।
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार देश में डिजिटल गवर्नेंस, पारदर्शिता और तकनीक के जरिए प्रशासनिक सेवाओं को बेहतर बनाने वाले प्रोजेक्ट्स को दिए जाते हैं। इस बार देशभर से कई परियोजनाओं का मूल्यांकन किया गया, जिनमें मध्य प्रदेश की दो योजनाओं ने अपनी अलग पहचान बनाई।
महाकाल परियोजना को मिला स्वर्ण पुरस्कार
उज्जैन के त्रिनेत्र-महाकालेश्वर मंदिर और महाकाल रुद्रसागर एकीकृत विकास क्षेत्र (MRIDA) की एआई आधारित वीडियो निगरानी प्रणाली को स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सिस्टम आधुनिक तकनीक की मदद से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र की निगरानी करता है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और भीड़ प्रबंधन में भी काफी मदद मिल रही है।
महाकाल मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती होती है। एआई आधारित यह निगरानी प्रणाली संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करने, भीड़ के दबाव को समझने और प्रशासन को रियल टाइम जानकारी देने में मदद करती है। यही वजह है कि इस परियोजना को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों पर इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल और बढ़ सकता है। इससे लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्थाओं को भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
ई-नगर पालिका परियोजना ने बढ़ाया प्रदेश का गौरव
शहरी विकास एवं आवास विभाग की 'ई-नगर पालिका विद साइबर सिक्योरिटी' परियोजना को रजत पुरस्कार प्रदान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य नगर निकायों की सेवाओं को ऑनलाइन और सुरक्षित बनाना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नागरिक घर बैठे कई सेवाओं का लाभ ले सकते हैं, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होती है।
पिछले कुछ वर्षों में साइबर सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ऐसे में ई-नगर पालिका प्रणाली में साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करना बेहद जरूरी था। इस परियोजना ने नागरिकों के डेटा की सुरक्षा और ऑनलाइन सेवाओं की विश्वसनीयता को बेहतर बनाने का काम किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दोनों पुरस्कारों पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान प्रदेश के नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश लगातार तकनीक आधारित जनसेवा को मजबूत कर रहा है और भविष्य में भी नवाचार के जरिए लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान बताती है कि मध्य प्रदेश डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और तकनीक के जरिए प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।