तंबाकू बना युवाओं का सबसे बड़ा दुश्मन! कैंसर के 40% मरीज कम उम्र के, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी

विश्व तंबाकू निषेध दिवस हर साल लोगों को तंबाकू के नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है। लेकिन इसके बावजूद युवाओं में सिगरेट, गुटखा, खैनी और ई-सिगरेट का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि कम उम्र में शुरू होने वाली यह आदत आगे चलकर गंभीर बीमारियों की वजह बनती है। खास बात यह है कि अब कैंसर जैसी बीमारी सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।

तंबाकू का असर सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं होता। यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाता है। मुंह, गला, जीभ, भोजन नली, फेफड़े और यहां तक कि पेट के कैंसर का खतरा भी तंबाकू के सेवन से बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि तंबाकू में मौजूद जहरीले रसायन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे कैंसर विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है। कई मामलों में शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए बीमारी का पता काफी देर से चलता है। यही कारण है कि डॉक्टर नियमित जांच और तंबाकू से दूरी बनाने की सलाह देते हैं।

 युवाओं में बढ़ रही तंबाकू की लत क्यों चिंता का विषय है?

पिछले कुछ वर्षों में युवाओं के बीच तंबाकू उत्पादों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे दोस्तों का दबाव, सोशल मीडिया का प्रभाव, तनाव और दिखावे की संस्कृति जैसी कई वजहें बताई जाती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कम उम्र में शुरू हुई लत लंबे समय तक बनी रहती है और धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है।

आजकल वेपिंग और ई-सिगरेट को कई युवा सुरक्षित विकल्प मान लेते हैं, जबकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि निकोटीन किसी भी रूप में शरीर के लिए नुकसानदायक है। यह न केवल लत पैदा करता है बल्कि दिल, फेफड़ों और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर डाल सकता है। युवाओं में बढ़ती तंबाकू की आदत का सीधा असर देश के स्वास्थ्य तंत्र पर भी पड़ता है, क्योंकि कम उम्र में गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।

तंबाकू छोड़ने के क्या फायदे हैं और कैसे मिल सकती है मदद?

विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू छोड़ने के लिए कभी भी देर नहीं होती। तंबाकू का सेवन बंद करने के कुछ ही घंटों बाद शरीर में सकारात्मक बदलाव शुरू हो जाते हैं। धीरे-धीरे दिल और फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होने लगती है और कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

तंबाकू छोड़ने की कोशिश कर रहे लोगों को परिवार और दोस्तों का सहयोग काफी मदद कर सकता है। इसके अलावा कई अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नशा मुक्ति और परामर्श सेवाएं भी उपलब्ध हैं। डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को तंबाकू छोड़ने में परेशानी हो रही है तो वह विशेषज्ञ की मदद ले सकता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस का संदेश भी यही है कि स्वस्थ जीवन के लिए तंबाकू से दूरी बनाना सबसे जरूरी कदम है। एक छोटी सी आदत छोड़कर न सिर्फ अपनी बल्कि परिवार की खुशियों को भी लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

 

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