छोटे मियां (जगदीश देवड़ा) तो छोटे मियां बड़े मियां ( मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) सुभान अल्लाह

 

वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा की अज्ञानता पर भारी मुख्यमंत्री की महा अज्ञानता ?

वित्त मंत्री ने अपने ही विभाग के अधिकारियों के तबादले को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा पत्र 

इंदौर में सहायक आबकारी आयुक्त बनाने की कवायद


खबर नेशन / Khabar Nation / गौरव चतुर्वेदी

मध्यप्रदेश के आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा पर एक जनवादी मुहावरा फिट बैठता है " स्थिति का व्यंग्य यह है कि व्यंग्य की स्थिति है " ।छोटे मियां (जगदीश देवड़ा) तो छोटे मियां बड़े मियां ( मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान) सुभान अल्लाह मध्यप्रदेश के आय ए एस अफसर विभागीय मंत्रियों की नहीं सुनते हैं । इसकी बानगी है मध्यप्रदेश के वित्त, वाणिज्य कर , योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा द्वारा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखा गया पत्र या नोटशीट । इसी के साथ यह भी तय हो गया कि देवड़ा को प्रशासनिक प्रक्रिया की जानकारी नहीं है । इससे भी ज्यादा आश्चर्यजनक रहा मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ आय ए एस अफसरों का रवैया कि मंत्री की गलती को सुधारने की बजाय उन्होंने ही गलती कर डाली ।
मामला इस प्रकार है मध्यप्रदेश के दो सहायक आबकारी आयुक्त के एक दूसरे के स्थान पर तबादले को लेकर विभागीय मंत्री जगदीश देवड़ा ने सीधे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र या प्रस्ताव लिख डाला ।  पत्र इंदौर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त राजनारायण सोनी को मुख्यालय ग्वालियर और ग्वालियर मुख्यालय में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त के सी अग्निहोत्री को सोनी के स्थान पर इंदौर पदस्थ किए जाने संबंधी था ।  नियमत: कोई भी मंत्री अपने विभाग के अधिकारी या कर्मचारी के तबादले की अनुशंसा मुख्यमंत्री से नहीं करता है । विभाग से प्रस्ताव बनकर आता है और उसके बाद मंत्री या विभाग का प्रमुख सचिव आवश्यक होने पर मुख्यमंत्री को भेजता है । किसी भी विभाग के तबादले संबधी प्रस्ताव उसी परिस्थिति में मुख्यमंत्री को भेजे जाते हैं जब तबादलों पर प्रतिबंध लगा हो और उन तबादलों को समन्वय में आदेशित करने का अधिकार मुख्यमंत्री को हो । हांलांकि इस दौरान तबादलों पर प्रतिबंध लगा हुआ था । इसके बावजूद जगदीश देवड़ा द्वारा विभाग से तैयार तबादला प्रस्ताव भेजने की बजाय स्वयं तैयार कर भेज दिया गया । 

आखिर क्यों ?

गौरतलब है कि आबकारी विभाग मलाईदार विभाग माना जाता है और आबकारी से जितना राजस्व सरकार को मिलता है उसका आधा राजनेताओं, शराब माफियाओं और अधिकारियों में बंट जाता है । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मोटी रकम का इस तबादले को लेकर लेन-देन हुआ है ।

मुख्यमंत्री सचिवालय की गलती ? 

मुख्यमंत्री सचिवालय ने मंत्री के अनुशंसित पत्र को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्राथमिकता पर किए जाने की कोडिंग A1 करवाते हुए प्रमुख सचिव वाणिज्य कर दीपाली रस्तोगी को भिजवा दी । गौरतलब है कि दीपाली रस्तोगी मध्यप्रदेश की बेहद ईमानदार अफसरों में गिनी जाती हैं और मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ ईमानदार प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी की पत्नी हैं । मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ अफसरों की जिम्मेदारी थी कि वे मंत्री के इस गलत प्रस्ताव को अपूर्ण प्रक्रिया के तहत वापस भिजवा देते । बताया जाता है कि विभाग की प्रमुख सचिव दीपाली रस्तोगी और मंत्री जगदीश देवड़ा के बीच लंबे अरसे से तनातनी है । सूत्रों के अनुसार प्रमुख सचिव को हटाने को लेकर जगदीश देवड़ा कई बार मुख्यमंत्री शिवराज से कह चुके हैं ।

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