आस्था पर बवाल! मां बगलामुखी मंदिर के चढ़ावे को लेकर सियासत तेज, सरकार ने बैठाई जांच

मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में चढ़ावे और आस्था पर बवाल! मां बगलामुखी मंदिर के चढ़ावे को लेकर सियासत तेज, सरकार ने बैठाई जांकथित अवैध वसूली के आरोपों ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंदिरों में चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मां बगलामुखी मंदिर के चढ़ावे पर उठे सवाल

मां बगलामुखी मंदिर में श्रद्धालुओं से कथित अवैध वसूली और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर विवाद सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। आरोप सामने आने के बाद प्रदेश सरकार ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए हैं।

धर्मस्व मंत्री ने गठित की जांच समिति

धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने स्पष्ट किया कि भगवान के नाम पर कथित ठगी या अवैध वसूली करने वाले लोगों का मंदिर समिति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर गलत काम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) और नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को शामिल करते हुए जांच समिति गठित की है। समिति को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

"आस्था से खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेंगे"

धर्मेंद्र लोधी ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोपियों को "कालनेमी" बताते हुए कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मामले पर विपक्ष का सरकार पर हमला

मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मंदिरों से जुड़े विवाद लगातार सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने में असफल रही है।

सिंघार ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी मंदिरों के चढ़ावे और प्रबंधन को लेकर सवाल उठे थे, लेकिन उन मामलों में भी स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। उनका कहना है कि बार-बार ऐसे विवाद सामने आने से श्रद्धालुओं का भरोसा प्रभावित हो रहा है।

मंदिर प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग

नेता प्रतिपक्ष ने मंदिरों में मिलने वाले चढ़ावे के प्रबंधन और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट व्यवस्था बनानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं के दान का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ हो और भविष्य में ऐसे विवाद दोबारा सामने न आएं।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

फिलहाल पूरे मामले में सरकार की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
 

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