पान मसाला विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर की बढ़ी मुश्किलें, 50 लाख तक जुर्माना और 3 साल के बैन का खतरा
पान मसाला विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर की बढ़ी मुश्किलें, 50 लाख तक जुर्माना और 3 साल के बैन का खतरा
मुंबई। पान मसाला के कथित अप्रत्यक्ष विज्ञापन को लेकर बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ मुश्किल में घिरते नजर आ रहे हैं। महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनसे 15 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
महाराष्ट्र FDA का आरोप है कि 'विमल इलायची' के विज्ञापन के जरिए प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने इसे भ्रामक विज्ञापन और उपभोक्ताओं को गुमराह करने से जुड़े नियमों के संभावित उल्लंघन के तौर पर देखा है।
क्या है पूरा मामला?
महाराष्ट्र में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगी हुई है। इसी बीच पान मसाला ब्रांड से जुड़े विज्ञापनों को लेकर FDA ने कार्रवाई शुरू की है।
'विमल इलायची' के विज्ञापनों में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ नजर आए हैं। FDA का कहना है कि ऐसे विज्ञापनों के जरिए किसी प्रतिबंधित तंबाकू या पान मसाला उत्पाद को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा दिए जाने की संभावना की जांच जरूरी है।
इसी आधार पर तीनों अभिनेताओं को नोटिस भेजकर उनसे पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
15 दिन में देना होगा जवाब
नोटिस के मुताबिक तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब देना होगा। वे चाहें तो मामले में सुनवाई का अनुरोध भी कर सकते हैं।
अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया जाता है, तो FDA आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है। हालांकि, केवल नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि तीनों अभिनेताओं को दोषी घोषित कर दिया गया है। अंतिम कार्रवाई संबंधित प्राधिकरण की जांच और उनके जवाब के आधार पर होगी।
FDA ने क्या-क्या मांगा?
नोटिस में अभिनेताओं से उनके विज्ञापन और एंडोर्समेंट से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। इनमें—
- एंडोर्समेंट एग्रीमेंट की कॉपी
- कैंपेन ब्रीफ
- विज्ञापन से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जानकारी
- प्रमोशनल गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज
- 'विमल इलायची' को अलग और वास्तविक उत्पाद के रूप में बाजार में उपलब्ध होने से जुड़े सबूत
शामिल हैं।
इसके साथ ही FDA ने कथित तौर पर संबंधित प्रमोशनल कंटेंट को हटाने और एंडोर्समेंट से जुड़ी गतिविधियां रोकने के निर्देश भी दिए हैं।
किन कानूनों का हवाला?
मामले में Food Safety and Standards Act, 2006, Cigarettes and Other Tobacco Products Act यानी COTPA, 2003 और विज्ञापन से जुड़े नियमों का हवाला दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा कानून के तहत किसी खाद्य उत्पाद के बारे में ऐसा विज्ञापन नहीं किया जा सकता जो उपभोक्ता को गुमराह करे। यही वजह है कि FDA यह जांच कर रहा है कि 'विमल इलायची' का विज्ञापन केवल इलायची उत्पाद का प्रचार है या इसके जरिए किसी दूसरे प्रतिबंधित उत्पाद को भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रमोट किया जा रहा है।
50 लाख रुपये तक जुर्माना कैसे?
भ्रामक विज्ञापन के मामले में अलग-अलग कानूनों के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
FSS Act की धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन के लिए 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
वहीं Consumer Protection Act, 2019 की धारा 21 के तहत भ्रामक विज्ञापन के मामले में एंडोर्सर पर पहली कार्रवाई में 10 लाख रुपये तक और दोबारा उल्लंघन पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा सेलिब्रिटी को विज्ञापन करने से प्रतिबंधित भी किया जा सकता है।
गंभीर स्थिति में यह प्रतिबंध 1 से 3 साल तक हो सकता है।
क्या तीनों पर तुरंत बैन लगेगा?
नहीं। फिलहाल ऐसा कोई अंतिम आदेश नहीं है।
शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को पहले नोटिस का जवाब देने का अवसर दिया गया है। इसके बाद FDA और संबंधित प्राधिकरण यह तय करेंगे कि नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और यदि हुआ है तो किस कानून के तहत क्या कार्रवाई बनती है।
इसलिए फिलहाल 50 लाख रुपये का जुर्माना या 3 साल का बैन संभावित कार्रवाई है, अंतिम फैसला नहीं।
सेलिब्रिटी एंडोर्सर की भी जिम्मेदारी
भ्रामक विज्ञापन के मामलों में केवल कंपनी ही नहीं, बल्कि विज्ञापन में शामिल सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी भी तय हो सकती है। उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत सेलिब्रिटी एंडोर्सर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह जिस उत्पाद का प्रचार कर रहा है, उसके दावों और विज्ञापन की प्रकृति को लेकर उचित सावधानी बरते।
यही वजह है कि FDA ने तीनों अभिनेताओं से उनके विज्ञापन समझौते और कैंपेन से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
महाराष्ट्र में पान मसाला पर पहले से रोक
इस पूरे मामले की अहम वजह महाराष्ट्र में पान मसाला को लेकर लागू प्रतिबंध भी है। राज्य में स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों के तहत पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर रोक लगाई गई है।
ऐसे में किसी प्रतिबंधित उत्पाद के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रचार को लेकर FDA की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर तीनों अभिनेताओं के जवाब पर है। अगर वे अपने जवाब और दस्तावेजों के जरिए FDA को संतुष्ट कर पाते हैं तो मामले में आगे की कार्रवाई अलग दिशा ले सकती है। वहीं, अगर जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता या नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो संबंधित कानूनों के तहत जुर्माना और विज्ञापन पर प्रतिबंध जैसी कार्रवाई संभव है।
फिलहाल शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को 15 दिन में जवाब देना है, जिसके बाद यह साफ होगा कि मामला केवल नोटिस तक सीमित रहता है या फिर तीनों के खिलाफ बड़ी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ती है।
पान मसाला विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर की बढ़ी मुश्किलें, 50 लाख तक जुर्माना और 3 साल के बैन का खतरा