सिंधिया समर्थक प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार करने उतरे साधु संत

 

लोकतंत्र के गद्दारों की असलियत रख रहे जनता के सामने
कमल शर्मा / खबर नेशन / Khabar Nation

मध्यप्रदेश के 28 विधानसभा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में से 25 सीटों पर संतों और साधुओं ने डेरा डालने की शुरुआत कर दी है । सिर्फ 25 सीटों पर डेरा डालने की वजह बताते हुए कंप्यूटर बाबा ने भांडेर में पत्रकारों को बताया कि इन सीटों पर 25 गद्दार पैदा हुए हैं। जिन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार को खरीद फरोख्त से बेच दिया। इस्तीफा देने के पहले बंगलौर में ये विधायक क्या कर रहे थे उन्होंने जनता से इस्तीफा देने के पहले क्यों नहीं पूछा ? 
लोकतंत्र की रक्षा करना संत,पत्रकार, और राजनेताओं का कर्त्तव्य है । कंप्यूटर बाबा ने  सिंधिया समर्थक विधायकों पर 35,50 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस्तीफा विधायकों को देना था तो इस्तीफे भाजपा नेताओं के हाथ से क्यों भेजें थे।
साधु संतों के डेरे में शामिल स्वामी हर्षानंद ने कहा कि लोकतंत्र मंदिर मस्जिद गिरजाघर गुरुद्वारा से नहीं चलता , पवित्र ग्रंथ संविधान से चलता है । विश्व के सर्वश्रेष्ठ लोकतांत्रिक देश का संविधान 299 विशिष्ट व्यक्तियों द्वारा तैयार किया गया है । उन्होंने आम जनता से अपील की कि आखिर आप लोग श्रीमंत का बोझा क्यों ढो रहे हैं। कांग्रेस के पक्ष में प्रचार से इंकार करते हुए साधुओं ने कहा कि सवाल भाजपा से क्यों नहीं पूछा जाता जहां योगी आदित्यनाथ, उमाभारती और अन्य संत राजनीति करते हैं ।

भांडेर मे स्टेट बैंक के मैदान मे कंप्यूटर बाबा ने लोकतंत्र बचाओ यात्रा के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी  फूल सिंह बरैया के समर्थन के दौरान एक सभा को  संबोधित करते हुए भांडेर की पूर्व विधायक  को गद्दार नंबर सत्रह का नाम दिया । सभा मे महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा ने संबोधित करते हुए भांडेर के पूर्व पर आरोप लगाया की ये 35 करोड़ मे बिक गई  ।बिकने के बाद कांग्रेस की सरकार गिरा दी ये वोटों की सरकार नही नोटों की सरकार है। बिकने वाले 25 लोगो का नामकरण किया। जिसमें भांडेर के पूर्व बिधायक  को गद्दार नंबर सत्रह का तमगा दे डाला । कंप्यूटर बाबा ने आगे कहा की इन्होंने  अपने आपको तो बेचा ही है लेकिन आपके वोट को भी बेचा है।
देखें वीडियो
https://youtu.be/J4DtQqLoqnc

Share:


Related Articles


Leave a Comment