नारी शक्ति संकल्प पत्र: नेहा पाण्डेय
खबरनेशन / Khbarnation
भारत एक प्रसिद्ध देश है जो प्राचीन समय से ही अपनी सभ्यता, संस्कृति, सांस्कृतिक विरासत, परंपरा, धर्म और भौगोलिक विशेषताओं के लिये जाना जाता है। जबकि दूसरी ओर, यहां पुरुषवादी मानसिकता भी दृष्टिगोचर होती दिखती है। इसके बाद भी इससे जुड़ा एक सत्य पक्ष यह भी है कि भारत देश में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं और सथासंभव इस आधी आबादी के लिए कुछ सकारात्मक दिशा में काम भी होते हैं। किंतु इस पर भी महिला-पुरुष के बीच अंतर्विरोध इतने गहरें हैं कि नारी की पूजा करनेवाला समाज अनेकों बार घर में महिलाओं को पताड़ित करने का कारण बनता है। कई जगह तो केवल नारी घरों की चारदीवारी तक ही सीमित कर दी गई है और उनको सिर्फ पारिवारिक जिम्मेदारीयों के लिये ही उपयुक्त समझा जाता है। उन्हे नहीं मालूम हैं कि उनके अपने भी कुछ अधिकार हैं।
इसके बाद भी इस आधी जनसंख्या के लिए कहना होगा कि जहां इसे अवसर मिलता है, यह आगे बढ़कर देश और अपने समाज का नाम रोशन करने का भरसक प्रयास करती है। यही कारण है कि आज के दौर में महिलाएं हर स्तर पर अपनी मौजूदगी दर्ज करवा रही हैं। चाहे खेल हो, राजनीति या कोई ओर क्षेत्र हर जगह महिलाओं का बोलबाला है। हमारे लिए भी यह खुशी की बात है कि देश के छह राज्यों में महिला राज्यपाल है। विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना दायित्व निर्वहन कर रही हैं। ऐसे में महिला सशक्तिकरण को ओर मजबूत करने के लिए मप्र भारतीय जनता पार्टी ने सराहनीय पहल की है, निश्चित ही आज उसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम ही होगी । वास्तव में राजनीति के इतिहास ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी पार्टी ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है और अपने घोषणा-पत्र के साथ महिला सशक्तिकरण को समर्पित एक संकल्प पत्र अलग से जारी किया है।
आज मध्यप्रदेश भाजपा द्वारा ‘नारी शक्ति संकल्प पत्र’ के नाम से जिस मेनीफेस्टों को सभी के समक्ष लाया गया है। उसे देखकर यही लगता है कि भाजपा सच में प्रदेश की आधी आबादी की चिंताओं का समझनेवाली और उन्हें दूर करने के लिए कृतसंकल्पित एक राजनीतिक पार्टी है। इस तरह से किसी राजनीतिक पार्टी द्वारा महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए उन्हें सशक्त करने का संकल्प लेना अपनेआप में अद्भुत है। इस संकल्प पत्र में भाजपा ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाए जाने की कई योजनाओं को शामिल किया है।
ऐसे में जब देश के कई राज्यों में आज भी महिलाएं पिछड़ी हुई हैं, मप्र भाजपा की यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिशाल जैसी है, जिससे देश में सशक्त महिला समाज का सपना पूरा हो सकेगा। देखाजाए तो भाजपा के नारी शक्ति संकल्प पत्र की खासियत यह है कि इसमें महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य आदि जैसी मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। वस्तुत: इस संबंध में पीछे की ओर भी देखा जा सकता है । भाजपा ने प्रदेश की सरकार में रहते हुए बीते 13 वर्षों में महिलाओं का जीवन सरल, सुलभ और सक्षम बनाने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। महिलाओं को समर्पित नारी शक्ति संकल्प पत्र से भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा अपनी स्थापना से ही महिलाओं के प्रति सम्मान के साथ ही राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को अधिक से अधिक बढ़ाने की पक्षधर रही है। इस बात का उदाहरण यह है कि भाजपा ने ही सबसे पहले अपने संगठन में महिला आरक्षण को सुनिश्चित किया था।
भाजपा ने ‘नारी शक्ति संकल्प पत्र में बालिकाओं के लिए समग्र और बहु आयामी प्राथमिकता को सुनिश्चित करने हेतु स्वागतम लक्ष्मी योजना को ओर मजबूत करने का वादा किया है। साथ ही बारहवीं कक्षा में 75 प्रतिशत से ज्यादा अंक लाने पर छात्राओं को स्कूटी प्रदान किए जाने की बात कही है। एसटीईएम शाखाओं में व्यक्तिगत सशक्तिकरण और उच्च वेतन वाले रोजगार की बढ़ती संभावनाओं का अधिकतम लाभ महिलाओं तक पहुंचाने हेतु एसटीईएम पाठ्यक्रमों में शिक्षा लेने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित किए जाने पर भी इसमें जोर दिया गया है। साथ ही महिलाओं के लिए कम्प्यूटर आधारित एसटीईएम शिक्षा को विशेष रूप से बढ़ावा देने के लिए एक नई परियोजना शुरू की जाएगी।
महिलओं के लिए रोजगार के नए अवसर
महिला सशक्तिकरण के लिए उनका आर्थिक रूप से मजबूत होना जरूरी है। ऐसे में महिलाओं की भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि करने और महिलाओं के लिए उच्च वेतन वाले स्थानीय गैर कृषि रोजगार के नए अवसरों का निर्माण करने के लिए एक दीर्घकालीक परिप्रेक्ष्य योजना तैयारी की आज भाजपा कर रही है। इसके अतिरिक्त शहरी क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित और किफायती आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रदेश में कामकाजी महिला छात्रावासों की क्षमता को बढ़ाया जाएगा। बढ़ी संख्या में महिलाओं को कार्यबल में सम्मिलित होने में सक्षम बनाने हेतु उद्योगों के साथ समन्वय बनाकर महिलाओं के लिए सुलभ और लचीले रोजगार मॉडलों का सृजन किया जाना भी प्रस्तावित है ही।
वस्तुत: भाजपा यहीं नहीं रुक रही है, वह सफल मुख्यमंत्री कौशल्या योजना का विस्तार कर प्रतिवर्ष 3 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित करने की बात भी कह रही है। इसके लिए उसकी बाकायदा महिलाओं को कम्प्यूटर और आईटी कौशल का लक्षित विकास करने हेतु सूचना प्रौद्योगिकी से महिला सशक्तिकरण मिशन का सृजन करने और इसके अंतर्गत अगले 5 वर्षों में 20 लाख महिलाओं को प्रशिक्षित करने की तैयारी है ।
महिला सुरक्षा
महिला अपराध में हुई बढ़ोत्तरी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। महिलाओं की सुरक्षा हेतु लक्षित प्रयास, प्रक्रियाओं की सुगमता और पुलिस और न्यायपालिका की सुलभता सुनिश्चित करने के लिए एक राज्यव्यापी फीमेल एक्सेस टू जस्टिस योजना तैयार की जाएगी। महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में शिकायत, जांच और अभियोजन की मजबूत निगरानी के लिए एक राज्यव्यापी एमआईएस प्रणाली शुरू की जानी है और इसी के साथ भाजपा का वादा महिला अपराध शाखा को मजबूत करने का है।
भाजपा द्वारा महिलाओं के स्वस्थ जीवन के लिए माता और बाल ट्रेकिंग प्रणाली को सुदृढ़ और विस्तारिक करने का वादा भी आज किया जा रहा है। इसके लिए उसकी आगामी योजना यही है कि महिलाओं को गर्भावस्था के शुरूआती चरण में ही पंजीकृत किया जाए और 100 प्रतिशत मां और बच्चों तक सभी आवश्यक परीक्षाएं, सेवाएं और प्रसवपूर्व देखभाल की सुविधा पहुंचे। मां और बच्चे के लिए स्वास्थ्य केन्द्र तक पर्याप्त परिवहन सुविधाएं प्रदान करने के लिए आगे जननी एक्सप्रेस 108 एम्बुलेंस की संख्या को दोगुना करेंगी । साथ ही उज्जवला योजना के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर अधिक से अधिक गैस कनेक्शन प्रदान किए जाऐंगे।
भाजपा का यह वादा करना भी सराहनीय है कि उसने महिला भूमिधारकों को एक तय राशि आर्थिक सहायता के रूप में सीधे उनके बैंक खाते में दिए जाने का अपना संकल्प लिया है और भूमि अधिकारों में महिलाओं का नाम जोडऩे के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करने की बात भी साथ में वह कहती है। इसी के साथ भाजपा का कहना है कि वह जरूरतमंद अकेली महिलाओं के बच्चों को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देने हेतु एक विशेष सहायता निधि की शुरूआत सत्ता में पुन: वापिसी करते ही करेगी।
यह सब देखकर निश्चित ही इसके बाद कहा जा सकता है कि आज मध्यप्रदेश में भाजपा ने अपने शासन काल में महिला केन्द्रित योजनाओं से महिला सशक्तिकरण का मॉडल प्रस्तुत किया है। वास्तव में यह बहुत आवश्यक है कि हम महिलाओं के विरुद्ध अपनी पुरानी सोच को बदलें और संवैधानिक तथा क़ानूनी प्रावधानों में भी बदलाव लायें। ऐसे में भाजपा का यह ‘नारी शक्ति संकल्प पत्र देश और समाज के लिए एक मिशाल है, यही कहना आज के संदर्भ में उचित है।