भाजपा का दृष्टिपत्र: मुकेश तोमर

खबरनेशन / Khabarnation

 

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी ने ‘दृष्टिपत्र’ के नाम से अपना मैनिफेस्टो जारी किया है, जो समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का रोडमैप है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश को अगले पांच साल में मध्यप्रदेश को संमृद्ध बनाने का संकल्प लिया है, जिसकी झलक दृष्टिपत्र में साफ दिखाई देती है। भाजपा ने चुनावों से पहले दृष्टिपत्र में जो घोषणाएं की हैं, अगर उन पर पांच साल में अमल होता है, तो मध्यप्रदेश विकास के नए कीर्तिमान रचेगा, वस्‍तुत: इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। क्‍योंकि भाजपा की सरकार ने पिछले 15 वर्षों में मध्यप्रदेश को बीमारू से विकसित राज्यों की कतार में लाकर खड़ा कर दिखाया है। इससे उम्मीद की जा सकती है कि भाजपा की सरकार आगे भी विकास के अपने वायदे पूरे करेगी और मध्यप्रदेश को समृद्ध बनाकर मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करेगी।

 

आज मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने अनेक लोक कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से कई योजनाएं तो इतनी लोकप्रिय हुईं कि उन्हें अन्य राज्यों ने भी अपनाया और अपने यहां लागू किया । इनमें लाड़ली लक्ष्मी, मुख्यमंत्री तीर्थदर्शन, मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह आदि योजनाएं प्रमुख हैं। गरीब परिवारों को पहले जहां अपने बच्चों की पढ़ाई से लेकर शादी तक चिंता सताती रहती थी, किंतु मुख्यमंत्री बनते ही शिवराज ने अपनी योजनाओं के माध्यम से उनकी इस चिंता को भी दूर कर दिया। वास्‍तव में देखाजाए तो गरीब बच्चों की पढ़ाई के खर्च से लेकर शादी तक जिम्मेदारी अब प्रदेश सरकार निभा रही है। भाजपा ने अब अपने दृष्टिपत्र में बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी है। सरकार ने गरीब परिवारों के बच्चों की कक्षा एक से पीएचडी तक शिक्षा का खर्च सरकार द्वारा वहन करने का वादा किया है। इसके अलावा शिक्षा की गुणवत्ता को विश्व स्तरीय बनाने के लिए डिजिटल कक्षाएं, टिंकरिंग प्रयोगशालाएं, उच्च शिक्षा संस्थानों में ई-लाइब्रेरी, आधुनिक आवासीय सुविधाओं से सुसज्जित स्मार्ट स्कूलों, कॉलेजों की स्थापना करने का संकल्प भी अपने दृष्टिपत्र में लिया है। पार्टी ने शिक्षा के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने का संकल्प लेते हुए अगले पांच साल में उच्चतर शिक्षा में सकल नामांकन दर (जीईआर) को 30 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। 

 

भाजपा के दृष्टिपत्र में बेरोजगार युवा पीढ़ी को भी आश्वस्त किया गया है कि आने वाले दिनों में उनके भी अच्छे दिन आएंगे। हालांकि, बेरोजगारी की समस्या से निपटना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे अवसर मानते हुए स्वरोजगार, कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण पर ध्यान केन्द्रित कर नए रोजगारों का सृजन कर युवाओं को काम-धंधों से जोडऩे का खाका दृष्टिपत्र में पेश किया है। प्रदेश के विकास से जुड़ा यह एक अच्‍छा कार्य अब तक हुआ है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने बेरोजगारों के लिए पिछले 15 सालों में अनेक योजनाएं शुरू की और इनसे अनेक युवा उद्यमी एवं अन्‍य इससे जुड़े। जिसका कि आज यह परिणाम है कि कई लोग इन योजनाओं का लाभ उठाकर लखपति-करोड़पति तक बन चुके हैं । आगे इस बार दृष्टिपत्र में सरकार ने इन योजनाओं के विस्तार की बात कही है, जो कि शेष बेरोजगारों के लिए वाकई मील का पत्थर साबित होंगी। 

 

किसानों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने उल्लेखनीय काम किए हैं। सिंचाई रकबा बढ़ाने के साथ-साथ किसानों के शुरू की गई योजनाओं से नतीजतन मध्यप्रदेश ने कृषि के क्षेत्र में विकास के नए आयाम लिखे गए हैं। इसी का परिणाम है कि राज्‍य लगातार चार बार कृषि कर्मण अवार्ड ने नवाजा गया है। किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना शुरू की गई, जिससे कि किसानों को उचित फायदा मिल रहा है। आगे किसानों की तमाम चुनौतियों को देखते हुए भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में इस बार किसान हितैषी अनेक योजनाओं का खाका तैयार किया है। इनमें लघु किसान स्वावलंबन, सहकारी संस्थाओं द्वारा फस ऋण को बढ़ाना, खाद-बीज के लिए अलग से कोष बनाना, बुआई के लिए बीज उपलब्ध कराना, कृषि यंत्रों में छूट को दोगुना करना, परम्परागत खेती को ओर बढ़ते हुए जैविक खेती के क्षेत्रफल में इजाफा आदि को जगह दी गई है, जो निश्चित ही किसानों को समृद्ध बनाने में कारगर पहल मानी जा सकती है। 

 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने पिछले 15 सालों में विकास का लम्बा रास्ता तय किया है। पार्टी के भाजपा ने अपने दृष्टि में गरीबों और किसानों को प्राथमिकता देते हुए सडक़, बिजली, पानी जैसी समस्याओं को दूर करने का वादा किया है। वैसे भी गरीबों के लिए मुख्यमंत्री शिवराज की योजनाएं शुरू से ही उनके जीवन यापन में सहायक बन रही हैं। उनके खाने-पीने से लेकर स्वास्थ्य तक की चिंता सरकार ने की है। उन्हें सरकारी योजनाओं के तहत सस्ते में अनाज, स्वास्थ्य सुविधाएं, शिक्षा, यहां तक बिजली भी बहुत सस्ते में उन्‍हें मुहैया कराई जा रही है। 

 

वस्‍तुत: सही अर्थों में देखें तो आदिवासियों को जुते-चप्पल पहनाने से लेकर पानी की कुप्पी की व्यवस्था तक सरकार ने कर दी है। सडक़ों की हालत भी भाजपा के शासन में ही सुधरी है। मध्यप्रदेश में अब गांव-गांव तक में पक्की सडक़ें हैं। प्रदेश में सडक़ों का जाल बिछने से गांव सीधे शहरों से जुड़ गए हैं और ग्रामीणों को तक आवागमन की सुविधाएं मिलने लगी हैं।  

 

अंत में यही कहा जा सकता है कि भाजपा के दृष्टिपत्र में कई ऐसे वादे हैं, जिन पर अगर अमल किया जाए, तो मध्यप्रदेश वास्तव में समृद्ध बन जाएगा। इसमें लिंक परियोजनाएं, एक्सप्रेस वे, मेट्रो ट्रेन, सौर ऊर्जा उत्पादन, हर साल 10 लाख रोजगार सृजन की बातें भाजपा ने अपने दृष्टिपत्र में की हैं। कुल मिलाकर यह दृष्टिपत्र मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश को अगले पांच साल में समृद्ध बनाने के संकल्प का आईना है। 

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