समृद्ध मध्यप्रदेश का संकल्प : उमेद सिंह रावत
खबरनेशन / Khabarnation
मध्यप्रदेश में विगत 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की सरकार रहती आ रही है। शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में बनी सरकार ने प्रदेश को वर्षों से चले आ रहे बीमारू राज्य के कलंक से मुक्त किया है। इसके लिए भाजपा सरकार ने गरीबों को सम्मानजनक जीवन जीने, बेरोजगारों को रोजगार देने, किसानों को सबल बनाने, विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने वाली कई महत्वकांक्षी योजनाओं का सृजन किया। जबकि हकीकत यही है कि मध्यप्रदेश में 2003 में भाजपा की सरकार बनी, तब उनके सामने कई चुनौतियां थीं। जिसमें बिजली, सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से निपटना अपने आप में बहुत ही दुरुह कार्य था । लेकिन शिवराज सरकार के कार्यकाल में सरकार ने इन सभी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा किया और प्रदेश को बीमारू शब्द के कलंक से मिटाकर समृद्ध मध्यप्रदेश बनाया है।
इस बार भी भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में कई ऐसे अहम बिंदुओं को शामिल किया है। जो प्रदेश की दिशा और दशा बदलने में कारगर सिद्ध होंगे। भाजपा के दृष्टि पत्र में किसानों के लिए लघु किसान स्वालंबन योजना चलाने, सरकारी संस्थाओं द्वारा दिये जाने वाले फसल ऋण में बढ़ोत्तरी करने, कृषि मंडी अधिनियम में संशोधन करने, सभी मंडियों को ई-नाम से जोड़ने, जैविक खेती को बढ़ावा देने, नए विपणन अवसर प्रदान करने उपज का एकत्रीकरण, किसान समृद्धि कॉरिडोर का निर्माण करने जैसे कई अहम बिंदु शामिल किये गए हैं। इसके अलावा किसानों के लिए कृषि आय बढ़ाने के लिए अतिरिक्त स्त्रोत बढ़ाने की बात भी गई गई है। जिससे किसान आर्थिक सदृढ़ और खुशहाल बन सकेंगे।
वस्तुत: यह दृष्टि पत्र यहीं रुका हुआ नहीं दिखता वह इससे आगे जाकर आरंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक का खाका तैयार किया गया है। जिसमें अंतराष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों में दाखिला लेने वाले विद्याथियों को लाभ देने, गरीब परिवारों के मेधावी छात्रों को कक्षा एक से पीएचडी तक की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा है। इसके अलावा आंगनबाड़ी भवनों का विस्तार करना, प्रारंभिक विद्यालयों को सर्व सुविधायुक्त बनाना, हाई स्कूल से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा कार्यक्रम लागू करना और फीस विसंगतियों को दूर करने जैसे अहम बिंदु शामिल किये हैं। वहीं, भाजपा ने अपने मेनिफेस्टो में विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर पर देने के लिए भी प्लेंसमेंट सेंटर बनाने, निरंतर गुणवत्ता सुधार प्रकोष्ठ बनाने जैसे कई अहम व्यवस्थाएं बनाने की मंशा जाहिर की है। जोकि आज यह बताने के लिए पर्याप्त है कि भाजपा की सरकार सच में प्रदेश का व्यापक विकास चाहती है और मध्यप्रदेश को हकीकत में समृद्ध राज्य बनाने के बारे में गंभीरतापूर्वक सोचती है।
आगे यदि हम इस दृष्टिपत्र में रोजगार की बात करें तो, भाजपा ने इसमें ऐसे बिंदु शामिल किये हैं, जो रोजगार की दिशा में काफी अहम सिद्ध होंगे। जैसे-10 नए प्रौद्योगिकी इनक्यूबेटर स्थापित करने, बेरोजगारों को उनकी क्षमता के अनुसार रोजगार से जोड़ने, जॉब पोर्टल बनाने का संकल्प लिया गया है। साथ ही बेरोजगार युवकों को वृक्षारोपण, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि से जोड़कर उनके लिए आय सुनिश्चित करने का की बात यहां कही गई है। स्टार्टअप की दिशा में बेरोजगार युवकों को रोजगार के लिए अनुदान देने, उद्यमियों के लिए अपने अनुभव साक्षा करने और परस्पर संवाद को सुविधाजनक बनाने के लिए मध्यप्रदेश इंट्रेप्रेनुएर्स नेटवर्क की स्थापना करेगा ऐसा यह भाजपा का दृष्टिपत्र भविष्य के मध्यप्रदेश के लिए सुनिश्चित करता है।
भाजपा ने अपने दृष्टि पत्र में महिलाओं के लिए भी कई अहम बिंदु शामिल किये हैं। इसमें बालिकाओं के लिए शिक्षा से लेकर रोजगार तक का खाका तैयार किया गया है। जिसमें स्वागतम लक्ष्मी योजना को मजबूत करना, 75 अंक पाने वाली छात्राओं को स्कूटी देने, विद्यालयों और महाविद्यालयीन छात्रावासों की क्षमता बढ़ाना, अत्याधुनिक सुसज्जित पुस्तकालय का निर्माण करना जैसे बिंदु शामिल हैं। ग्रामीण छात्राओं को सरकारी कॉलेज में पढ़ने के लिए निशुल्क महिला बसों की व्यवस्था की जाने की बात भी यह करता है। साथ ही जो महिलाएं किसी कारणवश शिक्षा से वंचित है उनके लिए झलकारी बाई निरंतर शिक्षा परियोजना की शुरूआत करने का संकल्प लिया गया है। रोजगार की दिशा में भी महिलाओं को स्वयं का रोजगार शुरू करने आर्थिक सहायता दी जायेगी। महिला उद्यमियों के लिए पूंजी और मेंटरशिप को सुलभ बनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जायेगा। साथ ही महिला संचालित स्टार्टअप के लिए इन्क्यूबेंसन सेंटर्स बनाये जाने का वादा करता हुआ यह दिखाई देता है।
इतना ही नहीं तो इसके आगे दृष्टि पत्र में महिला सुरक्षा पर भी फोकस किया है। जिसमें महिला सुरक्षा के लिए एक राजव्यापी फीमेल एक्सेस टू जस्टिस योजना तैयार की जायेगी। महिला अपराधों में त्वरित न्याय के लिए भी महिला अपराध शाखा को और मजबूत बनाया जायेगा। महिला अपराधों में कमी लाने के लिए पुरुषा की मानसिकता बदलने और प्रदेश में सुरक्षित माहौल बनाने के लिए विशेष संवेदनशील कार्यक्रम चला जाने की ओर यह इशारा करता है।
वस्तुत: भाजपा के इस दृष्टि पत्र से आज मध्यप्रदेश के लोगों के बीच यह उम्मीद अवश्य बंधी है कि यदि इस तरह की योजनाएं प्रदेश में बनी, तो संभवत: आने वाले पांच सालों में प्रदेश की दिशा और दशा पूरी तरह से बदलेगी। अगर भाजपा सरकार के पिछले 15 सालों का कार्यकाल देखा जाये, तो प्रदेश जो पंद्रह साल पहले बीमारू राज्य की श्रेणी में आता था, वह भाजपा सरकार आने के बाद किए गए लगातार के प्रयासों के परिणाम स्वरूप आज एक समृद्ध मध्यप्रदेश के नाम से जाना जाता है। यही भाजपा सरकार की अब तक सत्ता में रहने की सफलता भी कही जा सकती है कि उसने चुनावों से पहले हर बार जो कहा उसे पूरा करने का भरसक प्रयास भी किया, जोकि आज जमीन पर दिखाई भी देता है।