देवास हादसे के बाद एक्शन में CM मोहन यादव, दिल्ली से सीधे पहुंचे अस्पताल, घायलों से की मुलाकात
देवास जिले के टोंककला में हुए दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्टिव मोड में नजर आई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली से लौटते ही सीधे इंदौर पहुंचकर अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली और घायलों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
दरअसल, इस हादसे के बाद पूरे प्रदेश में चिंता का माहौल बन गया था। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। ऐसे में मुख्यमंत्री का खुद अस्पताल पहुंचना और हालचाल जानना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
चोइथराम, एमवाय और अमलतास अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सबसे पहले एयरपोर्ट से सीधे चोइथराम अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने घायल लोगों से मुलाकात की और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यमंत्री एमवाय अस्पताल और अमलतास अस्पताल भी पहुंचे, जहां कई घायल भर्ती हैं। दरअसल, हादसे में झुलसे लोगों की हालत को देखते हुए अस्पतालों में विशेष मेडिकल टीम लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
सरकार ने आर्थिक सहायता का किया ऐलान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही घायलों का पूरा इलाज मुफ्त कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। दरअसल, पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ऐसे में सरकार की ओर से दी जा रही सहायता को बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
दिल्ली से ही अधिकारियों को दिए थे निर्देश
मुख्यमंत्री को जैसे ही हादसे की जानकारी मिली, उन्होंने दिल्ली से ही देवास जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को जरूरी निर्देश जारी कर दिए थे। घायलों को तुरंत बेहतर इलाज मिले, इसके लिए प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया। दरअसल, गंभीर रूप से घायल लोगों को इंदौर रेफर किया गया था। ऐसे में समय पर इलाज मिलना सबसे बड़ी चुनौती थी। प्रशासन ने एम्बुलेंस और अस्पताल व्यवस्था को तेजी से संभाला।
हादसे के बाद इलाके में डर का माहौल
पटाखा फैक्ट्री हादसे के बाद टोंककला और आसपास के इलाकों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। लोग फैक्ट्री सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है। दरअसल, इस तरह के हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन सुरक्षा नियमों को लेकर अक्सर लापरवाही की शिकायतें मिलती हैं। अब लोग दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी में
इंदौर के अस्पतालों में भर्ती घायलों की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे मॉनिटरिंग कर रही है। प्रशासन का कहना है कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त मेडिकल सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
दरअसल, कई घायल आग की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे हैं। ऐसे मरीजों के इलाज में लंबा समय लग सकता है। इसी वजह से अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है।
लोगों ने मुख्यमंत्री के कदम की सराहना की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अस्पताल पहुंचने और घायलों से मिलने के बाद कई लोगों ने इसे संवेदनशील पहल बताया है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार की तत्परता की चर्चा कर रहे हैं।
दरअसल, किसी बड़े हादसे के बाद पीड़ित परिवारों को सबसे ज्यादा जरूरत भरोसे और मदद की होती है। ऐसे में सरकार का सक्रिय रवैया लोगों को राहत देने का काम कर रहा है।