लाकडाउन में जिला प्रशासन के आदेशों का उल्लंघन कर प्रभारी ने किया दिशानिर्देशों की अवहेलना

खबर नेशन / Khabar Nation


कोविड-19 के इस दौर में लगातार बढ़ रहे संक्रमितों की संख्या और उससे रोकथाम को लेकर सरकार से लेकर जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक भले ही संवेदनशील  रहे हो किन्तु उनके दिशानिर्देशों में कार्य करने वाले उनके अधीनस्थ कर्मचारी बखूबी उन दिशानिर्देशों को रौंद रहे हैं जिले में रविवारीय लाकडाउन लगातार जिला कलेक्टर के निर्देशन में जारी रहा है किंतु खैरहा थाना अन्तर्गत इन नियमो को धता बताते थाना प्रभारी वैष्णवी पांडेय उन नियमो व आदेशो की धज्जियां उड़ा रही है |

शहडोल|आश्चर्य की बात है जहां पूरे जिले में आवागमन वर्जित है वहां महाराष्ट्र की गाड़ी ट्रक से भरे सूअरों को थाना से पार ले गए जो नियमो के उल्लंघन से कम नही जब लाकडाउन में संवेदनशील व अत्यावश्यक वस्तुओं के फरमान जारी हुए थे फिर ऐसे में सूअरों से भरे गाड़ी पे कार्यवाही क्यों नही हुई और लाकडाउन में वाहन पे चालान की कार्यवाही न सिर्फ जिला कलेक्टर के आदेशों को धता बता रहे हैं यद्यपि जिला पुलिस अधीक्षक की सक्रियता व अतिसंवेदनशीलता को चिन्हाकित कर रहे हैं  
उक्त मामले की जानकारी जब पत्रकार उनसे लेनें की कोशिश करते हैं तो हमेशा की तरह घंटों तक उनका फोन नहीं उठता और उठा भी तो वहीं घिसा पिता उत्तर की मेरे द्वारा अभी मामले की तस्दीक की जा रही है न जाने कितने तस्दीक मैनेजमेंट में बदल गए और तस्दीक सिर्फ कागजी दिखावा बन गया 
 लॉकडाउन बना मजाक….
कोरोना महामारी के इस संकट से निपटने के लिये सरकार नें छूट के सैकड़ों इंतजामों के साथ ही कुछ विशेष दिन पर आवाजाही, बाजारबंद जैसे तमाम बंदिशे लगाई हैं। जिसमें पुलिस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हैं। इस भूमिका का निर्वहन जिले के तमाम वर्दीधारी बड़ी जिम्मेदारी से कर रहे हैं वहीं महकमें के कुछ मातहतों की कार्यप्रणाली से ना सिर्फ सवाल खड़े हो रहे हैं बल्कि पुलिस अधीक्षक की साख पर बट्टा भी लग रहा हैं। स्थिति ऐसी है कि थाना क्षेत्र में अब आमचर्चाओं में यह बात सामनें आनें लगी है कि यदि संबंधित थानें में काम है तो लिफाफा तैयार रखना होगा। मामला जिले के खैरहा थाना क्षेत्र का है जहां सट्टा, जुंआ,कोयला,कबाड़ के बाद अब पशु क्रूरता से संबंधित मामले सामनें आनें लगे हैं, जिनमें थानें में तैनात थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली की कार्यवाही पर सवाल खडे हो रहे हैं।
तप्तीशो की दलील कार्यवाही शून्य…
जानकारी के मुताबिक रविवार की शाम खैरहा थाना क्षेत्र से होकर महाराष्ट्र से सुअरों से भरी ट्रक खैरहा थानें के सामनें रोकी गई, जिसमें ठसाठस सुअर भरे हुये थे। इन सुअरों की आवाज से ही इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता था कि उन्हें परिवहन करनें वाले कितनी क्रूरता के साथ उनका परिवहन कर रहे थे। सूत्र बताते हैं  इस ट्रक में ले जाये जा रहे कुछ सुअर मृत भी थे। जिनकी बदबू आस- पास फैल रही थी, लेकिन पकड़ा गया वाहन कुछ ही घंटों में बिना किसी कार्यवाही के छोड़ दिया गया। पूरे मामले में जब पत्रकारों नें जब इस संबंध में जिम्मेदार अधिकारी से जानकारी मांगी तो हमेशा की तरह पहले उनका फोन नहीं उठा और जब उन्होनें बात की तो  सिर्फ इतना कहकर पल्ला झाड़ लिया कि हमनें तफ्तीश कर ली है पर तफ्तीश क्या की गई है इसे बताना उचित नहीं समझा।
क्या कहते हैं नियम कायदे
खास बात तो यह है कि पशुओं के परिवहन को लेकर जहां तमाम नियम बनाये गये हैं वहीं पशुओं के साथ क्रूरता ना हो इसके लिये सख्त कानून भी है। इन नियमों की बात करें तो पशु परिवहन करते समय उनकी देखभाल के लिए एक परिचारक का भी होना अनिवार्य है तथा पशु परिवहन के दौरान वाहन में अन्य माल की ढुलाई भी पूर्णतया प्रतिबंधित है। इसी क्रम में सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी अधिसूचना संख्या जी.एस.आर.546 (अ) द्वारा जारी केंद्रीय मोटरयान नियम (संशोधन) नियम 2015 के नियम 125 (ई) अनुसार पशुधन का परिवहन करने वाले मोटरयानों में पशुओं के लिए स्थान की साइज भी निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार गाय और भैंस के लिए 2 वर्ग मीटर, घोड़े के लिए 2.25 वर्ग मीटर, भेड़ बकरी के लिए 0.3 वर्ग मीटर सूअर के लिए 0.6 वर्ग मीटर प्रति पशु एवं कुक्कुट के लिए 40 वर्ग सेमी प्रति पक्षी के हिसाब से जगह निर्धारित की गई है। लेकिन नियमों के विपरीत ट्रक में इनके परिवहन के समय इंच भर का फासला नहीं था। वहीं तैनात थाना प्रभारी से जब पूरे मामले में पत्रकारों नें जानकारी मांगी तो वह यह भी नहीं बता सकीं कि सुअरों को परिवहन करता उक्त ट्रक कहां से आ रहा था, और कहां ले जाया जा रहा था, खास बात तो यह भी है कि उक्त ट्रक में इन पशुओं को परिवहन करनें से संबंधित ऐसे क्या दस्तावेज मौजूद थे जिसे देखनें के बाद तैनात जिम्मेदार नें कुछ ही दे

 इनका कहना है

हां मैने गाडी पकडी मोटर विकल एक्ट के तहत कार्यवाही की गयी है |

 वैष्णवी पांडेय खैरहा थाना प्रभारी

आपने जो बताया है सही है मोटर विकल एक्ट की कार्यवाही की गई है लाकडाउन था तो क्या हुआ कार्यवाही तो हुयी |

 भरत दुबे एस.डी.ओ.पी. धुनपुरी

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