इंस्टाग्राम ऑनलाइन फ्रॉड: पानी की बोतल ऑर्डर करना पड़ा महंगा, इंदौर की छात्रा से 2.99 लाख की ठगी**
इंदौर में साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक साधारण ऑनलाइन खरीदारी ने कॉलेज छात्रा को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया। इंस्टाग्राम पर दिखाई देने वाले एक ऑनलाइन स्टोर से पानी की बोतलें खरीदना उसके लिए भारी पड़ गया। ठगों ने पहले रिफंड का लालच दिया और फिर डिजिटल ब्लैकमेलिंग का सहारा लेकर उसे आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान किया।
खजराना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा की बहन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद एक पेज से दो पानी की बोतलें ऑर्डर की थीं। भुगतान ऑनलाइन किया गया था। कुछ समय बाद एक व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर संपर्क किया और कहा कि ऑर्डर रद्द हो गया है। इसके बाद रिफंड प्रक्रिया के नाम पर एक लिंक भेजी गई। छात्रा ने भरोसा करके लिंक पर दी गई प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुकी है।
ऑनलाइन रिफंड फ्रॉड का नया तरीका बना खतरा
पुलिस जांच के अनुसार, लिंक पर क्लिक करने के बाद ठगों को छात्रा की बैंकिंग जानकारी तक पहुंच मिल गई। कुछ ही समय में खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 2 लाख 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। मामला तब सामने आया जब छात्रा कॉलेज फीस जमा करने पहुंची और खाते में पर्याप्त राशि नहीं मिली।
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि आजकल ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके फर्जी स्टोर चला रहे हैं। ग्राहक जब ऑर्डर करता है तो उसे रिफंड, कैशबैक या कस्टमर केयर के नाम पर कॉल किया जाता है। इसके बाद लिंक, स्क्रीन शेयरिंग ऐप या फर्जी फॉर्म के जरिए बैंकिंग डिटेल हासिल कर ली जाती है। कई मामलों में पीड़ितों को ब्लैकमेल भी किया जाता है। इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है। खासकर सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर और रिफंड संदेशों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या रखें ध्यान?
इस मामले के बाद पुलिस ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कोई भी कंपनी रिफंड देने के लिए बैंक ओटीपी, यूपीआई पिन या निजी जानकारी नहीं मांगती। अगर कोई व्यक्ति कॉल करके ऐसी जानकारी मांगता है तो उसे तुरंत संदेह की नजर से देखना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर खरीदारी करते समय केवल भरोसेमंद और सत्यापित पेज से ही सामान खरीदना चाहिए। किसी भी रिफंड लिंक पर क्लिक करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या कस्टमर सपोर्ट से पुष्टि करना जरूरी है। अगर खाते से संदिग्ध ट्रांजेक्शन हो जाए तो तुरंत बैंक को सूचना दें और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में रकम को रोका या वापस भी कराया जा सकता है।
फिलहाल खजराना थाना और साइबर क्राइम शाखा अज्ञात आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस उन बैंक खातों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की जांच कर रही है, जिनके जरिए रकम ट्रांसफर की गई। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में छोटी सी लापरवाही भी बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है।
इंस्टाग्राम ऑनलाइन फ्रॉड: पानी की बोतल ऑर्डर करना पड़ा महंगा, इंदौर की छात्रा से 2.99 लाख की ठगी**