NEET तैयारी कर रही छात्रा की मौत: अवंतिका की मौत ने फिर उठाए परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
इंदौर के खंडवा रोड स्थित न्यू बर्ग कॉलोनी में रहने वाली 21 वर्षीय अवंतिका मौर्य की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। मेडिकल की पढ़ाई का सपना लेकर इंदौर आई अवंतिका की चौथी मंजिल से गिरने के बाद मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस जांच में जुटी है, जबकि परिवार ने परीक्षा के दबाव और लंबे समय से चल रहे मानसिक तनाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अवंतिका पिछले तीन वर्षों से NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह अपनी बड़ी बहन के साथ इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। परिवार का कहना है कि डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं होने और लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने से वह काफी परेशान रहने लगी थी। पिता डॉ. बंशीलाल मौर्य ने भी बातचीत में बताया कि उनकी बेटी लंबे समय से परीक्षा के दबाव का सामना कर रही थी। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
NEET परीक्षा का दबाव और छात्रों की मानसिक स्थिति
देश में मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हर साल लाखों छात्र NEET जैसी परीक्षाओं में शामिल होते हैं, लेकिन सीटों की संख्या सीमित होने के कारण प्रतिस्पर्धा बेहद कठिन हो जाती है। ऐसे में कई छात्र लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर निराशा का सामना करते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि छात्रों की मानसिक स्थिति पर भी बराबर ध्यान देने की जरूरत है। कई बार छात्र अपनी भावनाएं परिवार या दोस्तों से साझा नहीं कर पाते, जिससे तनाव और बढ़ जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अभिभावकों को बच्चों के अंकों और रिजल्ट से ज्यादा उनके मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। नियमित बातचीत, भावनात्मक सहयोग और जरूरत पड़ने पर पेशेवर काउंसलिंग ऐसे मामलों को कम करने में मदद कर सकती है।
इंदौर छात्रा मौत मामला
घटना गुरुवार देर रात की बताई जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार अवंतिका मोबाइल पर किसी से बात करते हुए फ्लैट से बाहर निकली थी। कुछ समय बाद वह बिल्डिंग के नीचे गंभीर हालत में मिली। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने छात्रा का मोबाइल जब्त कर लिया है और कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल जानकारी की जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह जानकारी भी सामने आई है कि वह पहले भी मानसिक तनाव से जूझ चुकी थी। इसी कारण पुलिस मामले को गंभीरता से देखते हुए हर एंगल से जांच कर रही है।
अवंतिका की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या केवल परीक्षा में सफलता ही छात्रों की पहचान बनकर रह गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था में मानसिक स्वास्थ्य सहायता, काउंसलिंग और भावनात्मक समर्थन को भी उतनी ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए जितनी परीक्षा और परिणाम को दी जाती है। फिलहाल सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिससे इस मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके।
NEET तैयारी कर रही छात्रा की मौत: अवंतिका की मौत ने फिर उठाए परीक्षा के दबाव और मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल