स्व-कर निर्धारण योजना से दूरस्थ अंचल के व्यापारियों को भी मिला फायदा
भोपाल। देवास जिले के दूरस्थ गांव सतवास, लोहारदा और पुंजापुरा तक के व्यापारियों को वाणिज्यिक कर विभाग की स्व-कर निर्धारण योजना का फायदा मिला है। इन व्यापारियों को घर बैठे स्व-कर निर्धारण के आदेश प्राप्त हुए हैं।
देवास जिले में वेट अधिनियम में यह प्रावधान रखा गया था कि प्रत्येक व्यापारी हर तीन माह में फार्म भरेगा, जिसे विवरण पत्र कहा जाता है। इस विवरण पत्र में तीन महीने की खरीद-बिक्री के सारे ब्यौरे सूची बनाकर ऑनलाइन देंगे। ऐसे विवरण पत्रों की वाणिज्यक कर विभाग द्वारा बहुत सूक्ष्म की जाती है। स्क्रूटनी में यदि व्यापारियों के विवरण पत्रों में कोई कमी पाई जाती है तो उनकी विस्तृत जांच पड़ताल काविधान है। ऐसे में पहले व्यापारियों को अपने घर से बही-खाते लेकर वाणिज्यिक कर विभाग में अधिकारियों के समक्ष हाजिर होना पड़ता था। जिसमें काफी समय खराब हो जाया करता था।
पिछले दिनों वाणिज्यिक कर विभाग ने स्व-कर निर्धारण के योजना के तहत कारोबारियों को उनके द्वारा प्रस्तुत विवरण पत्रों को ज्यों का त्यों स्वीकार करने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किये थे। इन निर्देशों के पालन में विभाग के अधिकारियों ने उदार भाव से व्यापारियों के विवरण पत्रों को स्वीकार कर उन्हे स्व-कर निर्धारण योजना का लाभ दिया। एक करोड रूपये तक कारोबार करने वाले वार्ड-ए देवास सिटी के 225, वार्ड-बी अर्थात इडस्ट्रियल एरिया के 275 व्यापारियों तथा वार्ड-सी अर्थात देवास जिले के सोनकक्ष हाटपीपल्या, बावली, कन्नोद, खोतगांव आदि के 360 व्यापारियों ने स्व-कर निर्धारण योजना के विवरण पत्र तैयार कर घर से ही भिजवाए। वहीं एक करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार करने वाले जिले के गल्ला, दलहन के व्यवसायी और अनेक व्यापारियों द्वारा पेश विवरण पत्रों एवं ऑडिट रिपोर्ट को सही मान कर 690 व्यापारियों को वाणिज्य कर अधिकारी द्वारा स्व-कर निर्धारण योजना का फायदा पहुँचाया गया।
देवास जिले में 15 करोड़ रूपये से अधिक का कारोबार करने वाले 95 व्यापारियों को इस स्व-कर निर्धारण योजना का लाभ दिया गया है। इस तरह से व्यापारियों को पेशी आदि से मुक्त रखकर उनके व्यापार को आसान किया गया है। सोनकक्ष के रामकिशोर-राजेन्द्र कुमार, बरोठा के सुखराम-खूबचंद हाटपिपल्या के गजराज-नाथूसिंह, कन्नोद के बृजमोहन धूत एण्ड कम्पनी और व्यापारी हरिप्रसाद का कहना है कि वाणिज्यक कर विभाग के अधिकारियों की सलाह और समन्वय से देवास जिले में व्यापारियों का काम आसान हुआ है। (खबरनेशन / Khabrnation)