सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में किसानों का खुली नहर का विरोध जारी
पीड़ित किसानों ने कलेक्टर अशोकनगर को क्रमिक अनशन पर बैठने तथा अवार्ड पारित ना करने के लिए दिया आवेदन
किसानों का आरोप जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं ठेकेदार अपना रहे हैं मनमानी पूर्ण रवैया
निर्मल विश्वकर्मा खबर नेशन Khabar Nation
चंदेरी सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर पीड़ित किसानों द्वारा की गई भूमि अधिग्रहण तथा खुली नहर निर्माण के विरोध में लगातार आपत्तियां दर्ज कर विरोध प्रकट किया जा रहा है जिसमें अपने एक दिवसीय दौरे पर चंदेरी आए अशोकनगर जिले के कलेक्टर अभय वर्मा को सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के पीड़ित किसानों द्वारा आवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होंने विभाग की मनमानी के चलते भूमि अधिग्रहण करने एवं खुली नहर के विरोध में क्रमिक अनशन पर बैठने तथा अवार्ड पारित ना करने के लिए भी निवेदन किया है।
जल संसाधन विभाग और ठेकेदार की मनमानी
पीड़ित किसानों ने कलेक्टर अभय वर्मा तथा एसडीएम विजय यादव को बताया कि इस सिंचाई परियोजना में जो 125 फुट चौड़ी खुली नहर ग्राम कुंवरपुर मुरादपुर सकवारा मैं डाली जाना है उस नहर का स्वरूप पहले बंद नहर के रूप में था जिसे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों कार्यपालन यंत्रियों तथा ठेकेदारों नेमिलकर नहर का स्वरूप परिवर्तन कर खुली नहर डाली जाना प्रस्तावित किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिस क्षेत्र से यह खुली नहर होकर गुजरना है वह क्षेत्र राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार पूरी तरह सिंचित है। क्योंकि वहां पर पहले से ही जलाशय तालाब कुए नहर एवं सिंचाई के अन्य संसाधन मौजूद हैं इस क्षेत्र में खुली नहर डाला जाना किसी भी प्रकार से किसानों के हित में ठीक नहीं है।
क्योंकि राजघाट बांध परियोजना में क्षेत्र के किसानों की भूमि अधिग्रहण कर ली गई थी शेष बची हुई भूमि भी यदि इस नहर निर्माण परियोजना में अधिग्रहण कर ली जाएगी तो क्षेत्र का का किसान आर्थिक रूप से कमजोर होकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होगा और कृषि व्यवस्था भी प्रभावित होगी साथ ही किसानों का भविष्य संकट में हो जाएगा वे इस नहर निर्माण का विरोध नहीं करते किंतु खुली नहर निर्माण का विरोध अवश्य करते हैं और अपनी मांगों की पूर्ति ना होने पर दिनांक 9/10/ 2020 से क्रमिक अनशन पर भी बैठेंगे
साथ ही उन्होंने कलेक्टर अशोकनगर से निवेदन किया है कि सिंचाई परियोजना में प्रभावित गांव की भूमियों के अधिग्रहण किए जाने संबंधी, अवार्ड पारित करने संबंधित जो कार्यवाही कलेक्टर स्तर पर विचाराधीन है उसे निरस्त कर दिया जाए।
आपत्तियों के आधार पर एसडीएम चंदेरी ने किया था भौतिक निरीक्षण
सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में प्राप्त आपत्तियों के आधार पर अनुविभागीये अधिकारी चंदेरी विजय यादव ने इस क्षेत्र का भौतिक निरीक्षण किया था जहां उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों कार्यपालन यंत्रियों तथा ठेकेदारों से विस्तृत चर्चा भी की थी और इस विस्तृत चर्चा के दौरान जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा नहर निर्माण का स्वरूप परिवर्तन को भी स्वीकार किया गया था इससे यह प्रतीत होता है कि कार्यपालन यंत्री तथा विभाग के अधिकारियों द्वारा अनावश्यक तकनीकी तथ्य प्रस्तुत कर लगातार एसडीएम चंदेरी तथा राजस्व विभाग को भ्रमित किया जा रहा है।
जल संसाधन विभाग की तकनीकीभूमिकाहै संदेहास्पद।
किसानों से चर्चा के उपरांत यह तथ्य निकल कर सामने आया है कि पूर्व में और वर्तमान में दोनों ही स्थितियों में सिंचाई के लिए स्टोरीज पॉइंट भूमि तल से 482 मीटर की ऊंचाई पर ही है तो फिर अब खुली नहर डालने का क्या औचित्य जबकि पूर्व में उसी पॉइंट पर बंद नहर से पानी पहुंच रहा था