कमलनाथ सरकार का राज अपराधियों पर गाज
शिवराज की संवेदनाए राजनैतिक अवसरवाद से ग्रसित
खबर नेशन/Khabar Nation
भोपाल, भोपाल-मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी भोपाल के युवा शिवम के साथ हुए अत्याचार की कठौर आलोचना करती है। पुलिस अभिरक्षा में एक नौजवान की मृत्यु बेहद निंदनीय है। मध्यप्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने तुंरत न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और सरकार दोषियों के खिलाफ दृढ़ता से सख्त से सख्त कार्यवाही करेगी। इस दुःख की घड़ी में शिवम के परिवार के साथ समूची कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर साथ खड़ी हैं।
विगत दिनों से भारतीय जनता पार्टी के नेता शिवराजसिंह चौहान शिवम के परिवार के साथ संवेदनाएं व्यक्त करने के नाम पर अपनी राजनैतिक महत्वकांक्षाओं की रोटिया सेंक रहे है एवं अपनी भविष्य की संभावनाएं तलाशने में लगे हुए हैं जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। आज प्रतिपक्ष में शिवराज सिंह चौहान को अवसर मिलता होगा, जब वे खुद की सरकार के 13 वर्षों के अपने अर्कमण्यता से भरे कार्यकाल पर नजर डालते होंगे।
हम शिवराज सिंह चौहान से यह सवाल करना चाहते है कि क्या उनकी सरकार में वर्ष 2016 से 18, जब बीते तीन साल में 384 कस्टोडियल डेथ हुई उन्होंने कितने परिवारों के घर जाकर संवेदनाएं व्यक्त की? कितने परिवारों के व्यक्तियों को शासकीय नौकरियां दिलाई? या उन परिवारों को न्याय दिलवाया?
क्या शिवराज जी आपको 24 वर्षीय पंकज वैष्णव याद नहीं, जिसकों इंदौर के एमआईजी थाने में निर्ममतापूर्वक पिटाई करके गुप्तांगों में भी गंभीर चैट पहुंचाकर हत्या की गई और फिर उसे आपके शासनकाल में आत्महत्या निरूपित कर दिया। इतना ही नहीं जुडिशियल मजिस्ट्रेट जितेन्द्रसिंह कुशवाहा ने अपनी जांच रिपोर्ट में पाया कि पुलिस ने अपने डेली रजिस्टर में छेड़छाड कर हत्या के सारे साक्ष्य मिटाने की पूरी कोशिश की। क्या शिवराज जी यह सहीं नहीं हैं, कि इसके बावजूद पंकज की माॅं को अपने बेटे की इस जघन्य हत्या के लिए जूडिशियल मजिस्टेट की रिपोर्ट के बावजूद न्याय के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी ।
क्या शिवराज सिंह चौहान जी दतिया के उस नेतराम खंगर को भूल गए जिसे आपके राज में पुलिस थाने में मारकर रात के अंधेरे में चुपचाप पेड़ पर लटका दिया गया था जिसे बाद में नेशनल ह्युमन राईटस कमीशन ने अपनी रिपोर्ट में यह पाया कि नेतराम की थाने में हत्या कर उसे रात में बाहर ले जाकर पुलिस वालों ने पेड़ पर लटका दिया और यह भी उल्लेख किया कि उसके शरीर पर 19 गंभीर चोट के निशान थे। क्या शिवराज जी आपके राज में नरसिंहपुर के 22 वर्षीय करेली गांव के अनुराज राजपूत की पुलिस अभिरक्षा में घृणित हत्या याद नहीं जिसे षडयंत्रपूर्वक बगैर अपराध के थाने में बंद करके पीट-पीट कर हत्या कर दी और बाद में उसके मुुंह में सल्फास की गोलियां पुलिस द्वारा डाल दी गई ।
शिवराज जी आपके राज में आपके अपने भाजपा के कार्यकर्ता अहमद को तो शायद जानते ही होंगे जिसे रीवा में पुलिस अभिरक्षा में पीट-पीट कर मारडाला गया जो सीने में दर्द की शिकायत कर रात भर करहाता रहा और पुलिस उसे पीटती रही।
ऐसे अनेकों उदाहरण है जो इस बात को सिद्ध करते है कि आपकी शिवम के परिवार के प्रति संवेदनाएं राजनैतिक अवसरवाद से ग्रसित हैं। सहीं मायने में आप एक कठौर दिल के निर्दयी राजनेता है और आपने राजनैतिक लाभ लेने मात्र के लिए संवेदनशिलता का मुखौटा अपने चेहरे पर लगा रखा है।
भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में मध्यप्रदेश पूरे देश में अपराधों की राजधानी के रूप में जाना जाता था। दो लाख से अधिक आईपीसी के अपराध प्रतिवर्ष होने लगे थे। भाजपा के शासनकाल में 25566 अपहरण, 46317 बलात्कार, 93479 महिलाओं के साथ छेड़छाड की गई थी। नाबालिक बालिकाओं के साथ 249 प्रतिशत बलात्कार आपके कार्यकाल में बढ़े और आपकी सरकार जाने के समय महिला अपराध के 85383 मुकदमे न्यायालयों में लंबित थे। प्रदेश के नागरिकों के लिए न्याय एक दिवास्वप्न के समान था। आज जब से मध्यप्रदेश में कमलनाथ जी की सरकार है प्रदेश के नागरिकों को न्याय की उम्मीदें बंधी है।
भाजपा सरकार और कांग्रेस सरकार का तुलनात्मक अध्ययन किया जाए तो जनवरी से मई पांच महिने में वर्ष 2019 में 2018 की तुलना में लगभग 80 हत्या के प्रकरण में कमी आई है। लगभग 150 हत्याओं के प्रयास में कमी आई है। डकैती की घटनाओं में 68 प्रतिशत कमी आई है। लूट-पाट की घटनाएं 190 कम घटित हुई है। महिलाओं से छेड़छाड की घटनाएं 500 कम हुई है। अर्थात कुल 5000 आईपीसी की घटनाएं 5 महिनों में कम घटित हुई है।
मध्यप्रदेश में तीव्रता से अपराधों में जो कमी आने लगी है उसका बुनियादी कारण यह है कि कमलनाथ सरकार ने अपराधियों के खिलाफ बीते छः माह से एक अभियान छेड़ रखा है जिसमें बीते छः माह में 4074 आरोपियों से 722 अवैध पिस्तोले जब्त की गई, 3483 धारधार हथियार जब्त किए गए है। इसी प्रकार 21174 अवैध शराब बेचने वाले लोगों की गिरफ्तारी की गई है और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई है । मध्यप्रदेश में मादक पदार्थ बेचने वाले 596 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है इसमें चरस, गांजा, स्मेक, हिरोइन इत्यादि बेचने का काम करते हैं जिनसे 6 करोड़ 58 लाख रूपये के मादक पदार्थ जब्त किए गए है।
इतना ही कमलनाथ जी ने एक विशेष अभियान प्रारंभ किया है जिसमें गंभीर एवं अतिसंवेदनशील अपराधों के लिए अलग से विशेष दल बनाकर त्वरित कार्यवाहियां की जा रही है। 1 जनवरी से 31 मई के बीच 369 अतिसंवेदनशील अपराधों को चिन्हित किया गया, जिसमें से 203 को दोष सिद्ध कराकर सजा भी दिला दी गई, जिसमें से अकेले अतिसंवेदनशील महिला अपराधों में 110 अपराधियों को सजा दिलवाई गई। अर्थात अतिसंवेदनशील प्रकरणों में 68 प्रतिशत कन्विकशन रेट कमलनाथ सरकार के आने के बाद बढ़ गया।