कमलनाथ सरकार में नौनिहाल के पोषण आहार पर भी ग्रहण: राजो मालवीय

राजनीति Jun 21, 2019

सरकार ने छः माह से 26 हजार आगंनवाड़ी भवनों पर ताले लटके

खबर नेशन/Khabar Nation   

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता सुश्री राजो मालवीय ने कहा कि कमलनाथ सरकार के आते ही आगंनवाड़ी में जाने वाले बच्चों के पोषण आहार पर भी ग्रहण लग गया है। प्रदेश की 26 हजार से अधिक निजी भवनों में लगने वाली आगंनवाड़ियों को प्रदेश सरकार ने पिछले 6 माह से किराया नहीं दिया, ताले लटके है। जिसके कारण आगंनवाड़ी जाने वाले बच्चों पर संकट के बादल है। उन्होंने कहा कि गरीब और असहाय परिवार अपने बच्चों को आगंनवाड़ी भेजते है ताकि कुपोषण से बचे और स्वस्थ रहे। लेकिन कमलनाथ सरकार की उदासीनता से हालात यह हो गए है कि हजारों आगंनवाड़ियां ताला लगने की कगार पर है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 97 हजार 135 आगंनवाड़ी केन्द्र है, जिनमें से 29 हजार 385 आगंनवाड़ियां किराए के भवनों में लगती है। प्रदेश भर में आगंनवाड़ी के माध्यम से 66.36 लाख बच्चे पोषण आहार कार्यक्रम में लाभान्वित होते है। राजो मालवीय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने निजी भवनों में लगने वाली 26 हजार आगंनवाड़ियों के भवनों का किराया तक नहीं दिया है। जिसके कारण भवन मालिक आगंनवाड़ी केन्द्रों पर ताला लगा रहे है। कई जिलों में हालात यहां तक पहुंच गए है कि बच्चों को खुले में पोषण आहार खाने को मजबूर है। 

राजो मालवीय ने कहा कि प्रदेश में नौनिहाल को लेकर सरकार कितनी चिंतित है यह बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक ओर सरकार खजाना खाली होने का ढिंढोरा पीटती है, वहीं दूसरी ओर मंत्रियों के बंगलों की साज सज्जा पर करोड़ो रूपए खर्च करती है। 6 माह में ट्रांसफर पोस्टिंग पर 30 करोड़ रूपए से अधिक का खर्च करने वाली सरकार बच्चों के आगंनवाड़ी भवनों का किराया नहीं दे रही है ।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में कभी भी ऐसे हालात नहीं बने कि आगंनवाड़ियों को समय पर किराया या सुविधाएं नहीं मिली हो, लेकिन कमलनाथ सरकार के आते ही व्यवस्थाएं पूरी तरह भंग हो चुकी है। प्रदेश में भयावह स्थिति है। जिसके कारण नौनिहाल के पोषण पर असर पड़ेगा। सरकार द्वारा चलाए जा रहे बाल विकास कार्यक्रम प्रभावित होंगे और बच्चों को पोषण आहार नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को फिजूल खर्ची पर रोक लगाकर इस समस्या का समाधान करना चाहिए। ताकि समय रहते बच्चों के स्वास्थ्य पर कोई असर न हो और उनका भविष्य मजबूत हो।

 

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