अमीरों के समर्थक प्रधानमंत्री मोदी द्वारा विश्व की सबसे बड़ी गरीबी हटाओ योजना का विरोध करना शर्मनाक: शोभा ओझा

राजनीति Mar 26, 2019

गरीबी पर सबसे बड़ा वार साबित होगी कांग्रेस की ‘न्याय’ - न्यूनतम आय योजना

खबरनेशन/Khabarnation  

जैसा कि आप सब जानते हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल न्याय NYAY न्यूनतम आय योजना यानि की मिनिमम इंकम ग्यारंटी योजना की घोषणा के साथ ही एक इतिहास रच दिया है। इस योजना से भारत के 5 करोड़ परिवारों को 72,000 रू. प्रतिवर्ष मिलेंगे यानि लगभग 25 करोड़ नागरिक इस योजना से लाभान्वित होंगे। जाहिर है यह योजना देष की गरीबी पर अंतिम प्रहार सााबित होगी।

भारत को भरोसा है कि जिस तरह कांग्रेस की अगुवाई में पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने सन 2008-09 में किसानों की 72,000 करोड़ रूपये की कर्जमाफी की और अभी जिस तरह मध्यप्रदेष, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में किसानों की कर्जमाफी की गई है, उसी तरह देष में कांग्रेस की सरकार बनते ही  राहुल गांधी द्वारा किया गया यह गरीब हितैषी वादा भी पूरा किया जाएगा।

यह बात सही है कि पिछले 5 सालों में हिंदुस्तान की जनता, खासकर गरीबों को काफी मुष्किलों का सामना करना पड़ा है, न तो दो करोड़ रोजगार का वादा पूरा हुआ, न किसी के खाते में 15 लाख आए ऊपर से नोटबंदी व जीएसटी ने अर्थव्यवस्था व गरीबों की कमर तोड़ दी। हर मोर्चे पर मोदी सरकार फेल हो गई। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने हालातों के मद्देनजर यह फैसला लिया है कि हम हिंदुस्तान के गरीब लोगों को ‘‘न्याय(NYAY)’’ देने जा रहे हैं। यह ‘‘न्यूनतम आय योजना’’ हमारी हर गरीब को दी जा रही मिनिमम इंकम गांरटी स्कीम है और हम यह बताते हुए प्रसन्नता और गर्व का अनुभव कर रहे हैं कि षायद ऐसी ऐतिहासिक योजना, हिंदुस्तान तो छोड़िए, दुनिया में कहीं लागू नहीं की गई है। 

हम यहां यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि यदि नरेन्द्र मोदी जी हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों को पैसा दे सकते हैं, तो कांग्रेस पार्टी भी देष के सबसे गरीब लोगों को पैसा दे सकती है। आपको याद होगा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जी ने मध्यप्रदेष, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के दस दिन के भीतर कर्जमाफी का वादा किया था। जिसे अक्षरषः पूरा किया गया। अकेले मध्यप्रदेष में ही हमारे यषस्वी मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अब तक 25 लाख 50 हजार किसानों का 2 लाख रू. तक का कर्ज ‘‘जय किसान फसल ऋण मुक्ति योजना’’ के द्वारा माफ कर, अपनी वचनबद्धता दर्षा दी गई है। यह प्रक्रिया समूचे 50 लाख किसानों की कर्जमाफी तक जारी रहेगी। इसके अतिरिक्त कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेष में मात्र 76 दिनों में अपने वचन-पत्र के 83 वादों को पूरा कर अपनी नीयत स्पष्ट कर दी है।

आष्चर्य तो इस बात का है कि हर जनहितैषी योजना का विरोध करना, भाजपा व उसके प्रधानमंत्री की आदत सी बन गई है। आज हमारी इस ‘‘न्याय( NYAY)’’ योजना का विरोध करने वाली भाजपा के प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने इसी तरह मनरेगा जैसी हमारी पूर्ववर्ती गरीब हितैषी योजना जिसके द्वारा 14 करोड़ लोगों के जीवन में खुषहाली आई थी, उसका भी विरोध, संसद में दिये गए अपने भाषण के दौरान किया था। यही नहीं मोदी जी ने भूमि अधिग्रहण कानून में बाजार पर आधारित मुआवजे का भी विरोध कर उसे कमजोर किया, यूपीए सरकार द्वारा लाये गये खाद्य सुरक्षा कानून का विरोध कर उसे कमजोर किया, वन अधिकार कानून और ‘पेसा’ को कमजोर कर करोडों आदिवासियों को उनके वन के पट्टों से वंचित कर दिया, सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर किसानों को कीमत पर 50 प्रतिषत मुनाफा देने का विरोध किया, किसानों की कर्जमाफी का विरोध किया, दलित- आदिवासी कानून को कमजोर करने की कोषिष की, नोटबंदी की आपदा से करोड़ों लोगोें की रोजी-रोटी छीनी और ‘गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) लगाकर एमएसएमई , व्यापारियों व छोटे दुकानदारों को बर्बाद कर दिया।

अमीरों की समर्थक और गरीबों की विरोधी भारतीय जनता पार्टी को इस योजना की घोषणा के माध्यम से हम बता देना चाहते हैं कि आप चाहे लाख विरोध करिये, हमारी गरीब हितैषी योजनाएं लागू करने के लिए हम सदैव की तरह प्रतिबद्ध हैं।  

इस ‘‘न्याय( छल्।ल्)’’ योजना के तहत सारे गरीब परिवारों को 72,000 रूपये प्रतिवर्ष मिलेंगे, यह योजना षहरी एवं ग्रामीण, दोनों ही क्षेत्रों के गरीब परिवारों के लिए लागू होगी। चूंकि इस योजना में पैसा सीधे लाभार्थी परिवार की महिला सदस्य के खाते में ट्रांसफर किया जाएगा, लिहाजा यह महिला सषक्तिकरण की दिषा में भी एक ठोस कदम साबित होगा।

इस योजना के क्रियान्वयन के फाॅमूले पर कांग्रेस पार्टी ने, दुनिया के बेहतरीन अर्थषास्त्रियों से विस्ततृ विष्लेषण किया है। ये फिस्कली प्रूडेंट स्कीम होगी। योजना की सफलता के लिए चिदंबरम जी के नेतृत्व में एक पूरी टीम काम कर रही है। इस योजना को लागू करने के लिए न तो मैजूदा समाज कल्याण योजनाओं में और न ही सब्सिडियों में कोई कटौती की जायेगी। आने वाले दिनों में योजना की सारी व्यख्या की जायेगी। ‘न्याय’ के लिए जरूरी पैसों का प्रबंधन हमारी मैजूदा अर्थव्यवस्था में है और हमने इस पर पूरा विचार-विमर्ष किया है।  

यहां यह ज्ञात रहे कि मोदी सरकार द्वारा ही कराये गये ‘‘आर्थिक सर्वेक्षण-2016-17’’ में भी यह स्वीकार किया गया है कि कांग्रेस पार्टी के कार्यकाल के दौरान गरीबी काफी कम हुई थी। आजादी के बाद जो गरीबी 70 प्रतिषत थी वह 2011-12 तक घटकर मात्र 22 प्रतिषत रह गई थी। अब यह षेष बची गरीबी भी इस अभूतपूर्व ‘‘न्याय( छल्।ल्)’’ योजना के द्वारा दूर की जाएगी।

ओझा ने कहा कि यह षर्मनाक और आष्चर्यजनक है कि मोदी विजय माल्या, मेहुल चैकसी ‘‘भाई’’, ललित मोदी उर्फ ‘‘बडे़ मोदी’’ नीरव मोदी उर्फ ‘‘छोटे मोदी’’ जैसे घोटालेबाजों के एक लाख करोड़ की ‘बैंक लूट’ को तो माफ कर सकते हैं लेकिन गरीबों के खाते में जाते हुए 6000 रूपये प्रतिमाह को वे बर्दाषत नहीं कर पा रहे हैं।

ओझा ने यह भी कहा कि यह भी मोदी जी का विचित्र पाखंड है कि वे 15 लाख का सूट पहनते हैं, 6000 करोड़ रूपये स्वयं के प्रचार के लिए खर्च कर सकते हैं और राफेल सौदे के द्वारा अपने ‘‘क्रोनी कैपिटलिस्ट’’ मित्र को 30000 करोड़ रूपये दे सकते हैं, लेकिन गरीब के खाते में 6000 रूपये प्रतिमाह देने का विरोध करते हैं।

हम मोदी और भाजपा द्वारा किये गयेे तमाम विरोधों के बावजूद देश को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हमारी पूर्ववर्ती गरीब हितैषी योजनाओं की तरह ही हम इस योजना को पूरा करने के लिए भी पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हर हाल में हम इसे लागू करके रहेंगे।

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