भावान्तर भुगतान योजना के प्रति काश्तकार आकर्षित
सभी 257 मंडियों में किसानों का पंजीयन 12 मार्च तक
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश के किसानों को उनकी पैदावार का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना आरंभ की। किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और माडल मूल्य के बीच का भाव अन्तर किसान के खाते में जमा करा दिया जाता है। राज्य सरकार ने खरीफ फसल की भावान्तर योजना में किसानों का राहत देने के बाद रबी 2017-18 के लिए भी भावान्तर भुगतान योजना में किसानों को पंजीयन प्रदेश की 257 कृषि उपज मंडियों में 12 फरवरी से आरंभ हो गया है, जो 12 मार्च तक निःशुल्क जारी रहेगा। अब तक करीब 1.80 लाख कृषक पंजीयन करा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि चना बेचने के लिए 1.25 लाख, 20347 काश्तकारों ने सरसों, 9593 काश्तकारों ने प्याज और 30430 किसानों ने मसूर के लिए पंजीयन कराया है। पंजीयन केंद्रों पर किसान को अपना आधार कार्ड, समग्र आईडी ऋण पुस्तिका और बैंक पासबुक की छायाप्रति जमा करना अनिवार्य किय गया है। राज्य सरकार ने अपेक्षा की है कि औसतन 2 हेक्टेयर के काश्तकारों का शत प्रतिशत पंजीयन किया जाना चाहिए। 8 फसलों को भावान्तर भुगतान योजना में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने किसान के उत्पाद को गोदाम में चार माह तक रखने के लिए किसानों को किराया अनुदान देकर अतिरिक्त सुविधा प्रदान की है। इससे काश्तकार अपनी फसल बेचने के लिए उचित मूल्य का इंतजार भी कर सकते हैं। सिंह ने राज्य सरकार की इस उदार पहल के लिए मुख्यमंत्री और कृषि तथा किसान कल्याण मंत्री गौरीशंकर बिसेन को बधाई दी है। (खबरनेशन / Khabarnation)