मजदूर युवक की ई-रिक्शा से बदली दशा और दिशा

भोपाल। सिवनी जिला मुख्यालय के अकबर वार्ड के रहवासी सुनील सर्वे साइकिल रिक्शा चलाते थे। पर्याप्त मेहनताना नहीं मिल पाता था, ऊपर से शारीरिक थकान बहुत हो जाती थी। ऐसा इसके साथ कई वर्ष तक चलता रहा।
 

 सुनील सर्वे को उसके दोस्त ने समझाइश दी कि सरकार की मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना का लाभ लेना चाहिए। मिडिल स्कूल तक पढ़ा होने के कारण उसे उम्मीद नहीं थी कि लोन भी मिल सकता हैं। समाचार-पत्र में छपी खबर से उसे विश्वास हो गया कि स्व-रोजगार योजना में लोन की पात्रता आती हैं। उसने आदिवासी वित्त एवं विकास निगम सिवनी में सम्पर्क कर 'ई-रिक्शा'' के लिए आवेदन भर दिया। सुनील का डेढ़ लाख रुपये का ऋण प्रकरण बना। भारतीय स्टेट बैंक से लोन मंजूर हुआ।
 

मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना से लोन लेकर ई-रिक्शा लिये अभी 8 महीने ही हुए हैं। सुनील को सभी खर्च काटकर 400 से 500 रुपये तक की रोजाना आमदनी होने लगी हैं। ई-रिक्शा ने सुनील सर्वे के जीवन की दशा और दिशा दोनों ही बदल दी हैं। अब वह ठप्पे से अपने दोनों बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा रहा हैं। बचत कर बच्चों का भविष्य भी सुनिश्चित कर रहा हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
    

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