उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मुक्ति संग्राम 1857 पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारम्भ

भोपाल। बिठूर की पौराणिक अनुभूति, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की यादें तथा नयनाभिराम दृश्यों के मध्य घाटों पर बहती गंगा नदी के तट पर 20 से 24 दिसम्बर की तिथियों में बिठुर गंगा उत्सव आयोजित किया जा रहा हैं। उत्सव में मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं स्वराज संस्थान संचालनालय द्वारा 1857 के मुक्ति संग्राम पर केन्द्रित प्रदर्शनी का शुभारम्भ उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
 

सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में बिठुर, कानपुर, झांसी क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान रहा हैं। प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन की रणनीति बिठुर में तय की गई थी जिसमें नाना साहब पेशवा, तात्या टोपे, अज़ीम उल्ला जैसे महान क्रांतिकारी शामिल थे। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई झांसी में अंग्रेज़ों से लोहा लेने के लिये अपनी महिला सेना को तैयार कर रही थीं। यही वीर और वीरांगना, महान देशभक्त, कुशल सेनानायक, सबल क्रांतिकारी और हिन्दू-मुस्लिम एकता के पक्षधर थे। दुर्भाग्यवश प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन सफल नहीं हो सका लेकिन क्रांति की जो आग 1857 में जली, वो बुझी नहीं, बराबर सुलगती रही। आगे जाकर वही ज्वाला बनी और 1947 में अंग्रेज़ों को भारत छोड़ना पड़ा। इसी घटनाक्रम को दर्शाता इरफान सौरभ द्वारा निर्देशित नाटक वीर वीरांगना का मंचन स्वराज संस्थान संचालनालय के सहयोग से बिठुर उत्सव के दौरान 22 दिसम्बर की शाम कानपुर में किया गया। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

Share:


Related Articles


Leave a Comment