बसों का टैक्स माफ होने पर जिले को होगा 5 करोड़ का नुकसान


- निर्धारित सीट से ज्यादा यात्री नहीं बैठा पाएंगे बस संचालक
- राजस्व में कमी बाबुओं की मनमानी भी बढ़ी
Khabar Nation / खबर नेशन
देवेन्द्र वैश होशंगाबाद से
होशंगाबाद। राज्य सरकार यात्री बसों का टैक्स माफ करने पर विचार कर रही है। जिससे कि विभिन्न रूटों पर बसों का संचालन नियमित हो सके। लेकिन इस निर्णय से जिले को करीब 5 करोड रुपए के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ेगा। जिले से संचालित होने वाली 120 बसों द्वारा करीब हर माह 80 लाख से एक करोड़ रुपए का टैक्स जिला परिवहन द्वारा वसूला जाता है। कोरोना काल में यात्री बसों का संचालन 20 मार्च से बंद है। बस संचालक सितंबर तक टैक्स माफी और यात्री किराए में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। यात्री बसों के संचालन ना होने से हजारों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को खुद के निजी वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। राज्य सरकार द्वारा टैक्स माफी पर विचार करने की बात सामने आने के बाद बस संचालक फिर से बसों के संचालक के लिए तैयार हो रहे हैं। हालांकि बस संचालक बिना किसी ठोस निर्णय के बसों का संचालन नहीं करेंगे। 

संचालित बसों की होगी जांच
जिला परिवहन अधिकारी मनोज तेंगुरिया ने बताया कि बसों के संचालन के बाद कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। इसके लिए बसों में निर्धारित सीटों से ज्यादा यात्रियों को नहीं बैठाया जाएगा। इसके लिए विभिन्न स्थानों पर यात्री बसों की परिवहन विभाग द्वारा जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन होने पर संबंधित संचालक का परमिट निरस्त कर कोविड-19 के तहत होने वाली कार्रवाई की जाएगी।

विभाग के बाबुओं की मनमानी भी बढ़ी

यात्री बसों के संचालन ना होने से जहां परिवहन विभाग को राजस्व की कमी हो रही है। वही प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से वहां के बाबुओं को भी कहीं ना कहीं व्यक्तिगत राजस्व का घाटा उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि विभाग के बाबुओं की मनमानी भी बढ़ गई है। सालों से जमे बाबुओं के पास महत्वपूर्ण विभाग है। इस कारण वे आरटीओ में आने वाले लोगों को चक्कर लगवा रहे हैं। खासतौर से डीएल लाइसेंस, एलएल लाइसेंस, एचटीवी लाइसेंस, वाहनों की चेकिंग और फिटनेस जांच की शाखा देख रहे बाबू की मनमानी के कारण लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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