भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त ने बनाया दागदार चेहरे को मीडिया मैनेजर

 

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त मीडिया इंचार्ज आशीष अग्रवाल पर है आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज

टाइल्स ठेकेदार महेश परमार के 12 लाख 69 हज़ार रुपए हड़प गए थे आशीष अग्रवाल

गौरव चतुर्वेदी / खबर नेशन / Khabar Nation 

मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने दागदार चेहरे को मीडिया मैनेजर की नियुक्ति कर डाली । मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त मीडिया इंचार्ज आशीष अग्रवाल पर ग्वालियर के थाटीपुर थाना में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज है । हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के मीडिया इंचार्ज लोकेंद्र पाराशर को हटाकर आशीष अग्रवाल को मीडिया इंचार्ज बनाया गया है ।

क्या है मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार महेश परमार ने बीजेपी प्रवक्ता की एचजी कंस्ट्रक्शन कंपनी की बड़ा गांव में बन रही टाउनशिप में टाइल्स लगाने का काम किया था। महेश परमार को 12 लाख 69 हज़ार रुपए कम्पनी के मालिक आशीष अग्रवाल से लेने थे। लेकिन कंपनी काफी दिनों से महेश परमार को बकाया राशि का भुगतान नहीं कर रही थी। 29 अक्टूबर 2020 को महेश परमार ऑफिस पहुंचा। कंपनी में मौजूद लोगों ने उसे राशि की भुगतान करने के बजाय जलील किया। उसे बाद में पैसा देने की बात कह कर उसे भगा डाला। जिसके बाद परेशान हो कर महेश ने कंपनी के ऑफिस के बाहर ही मिट्टी तेल डाल कर खुद को आग के हवाले कर दिया। वहां पर मौजूद लोगों ने पानी डाल कर आग को बुझा दिया और आनन फानन में उसे बिरला अस्पताल में भर्ती किया गया।

हालत बिगड़ने के बाद महेश परमार को इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया । महेश परमार की दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन महेश परमार का शव लेकर थाटीपुर थाने पहुंच गए। उनका आरोप है कि पुलिस शिकायत करने के बावजूद राजनीतिक दबाव की वजह से बीजेपी प्रवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज नहीं कर रही थी। ऐसे में परिजन थाने के बाहर ही धरने पर बैठ गए। कांग्रेस नेताओं ने परिजनों का समर्थन किया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।

हाई कोर्ट ने आइजी से कहा था थाटीपुर थाना प्रभारी पर करें कार्रवाई

हाई कोर्ट की एकल पीठ ने थाटीपुर थाना प्रभारी पर उस मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिसमें ठेकेदार की मौत के मामले को पुलिस हल्के में ले रही थी। आरोपित को गिरफ्तार करने की बजाए उसमें खात्मा रिपोर्ट लगा रही थी। कोर्ट ने आइजी को आदेश दिया है कि जांच अधिकारी थाना प्रभारी पर कार्रवाई कर एक अप्रैल तक पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश करें। कोर्ट ने कहा कि पुलिस इस मामले को हल्के से ले रही है।

थाटीपुर थाने में आशीष अग्रवाल के खिलाफ धारा 306 के तहत केस दर्ज किया गया, लेकिन पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इसको लेकर महेश परमार के भाई ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपित को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर रही है, पुलिस उसे बचाना चाहती है। इस मामले में पुलिस की ओर से जवाब आया कि खात्मा रिपोर्ट तैयार कर ली है, लेकिन उसे पेश करने की तारीख बताने में असमर्थ हैं। एक मार्च को जवाब आया कि खात्मा रिपोर्ट पेश कर दी है। 8 मार्च को थाटीपुर थाना प्रभारी ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि खात्मा रिपोर्ट तैयार है। इसे एक हफ्ते में प्रस्तुत कर दिया जाएगा। हाई कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि खात्मा रिपोर्ट पेश होने के बाद मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायतकर्ता को सुनने के लिए नोटिस जारी किया जाता है, उसे सुनने के बाद न्यायालय या तो क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर सकता है या अस्वीकार। न्यायालय अस्वीकार कर अपराध का संज्ञान लेने तथा आगे की कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश दे सकता है। इस मामले में जांच अधिकारी द्वारा क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करना, उसकी मंशा को व्यक्त करता है।

इस मामले में भाजपा के मीडिया इंचार्ज आशीष अग्रवाल से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने कहा कि मैं थोड़ी देर में आपसे बात करता हू । जब उन्हें कुछ देर बाद दुबारा फोन लगाया तो उन्होंने नंबर देखकर फोन काट दिया । समाचार लिखे जाने तक उन्होंने अपना पक्ष प्रस्तुत नहीं किया। समाचार प्रसारित होने के बाद आशीष अग्रवाल ने खबर नेशन को फोन कर बताया कि मेरी जानकारी के अनुसार इस मामले में खात्मा लग चुका है। जब उनसे यह कहा कि कोर्ट में अभी भी यह मामला पेंडिंग है । तो उन्होंने कहा मुझे इसकी जानकारी नहीं है । जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आपको अपने प्रकरण की जानकारी नहीं है या आप कोर्ट में उपस्थित नहीं होते हैं तो उन्होंने कहा कि वहां पर मुझे उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं है।  मेरे वकील इस मामले को देख लेते हैं । जब उनसे यह पूछा गया कि क्या आपको आपके वकील कोई जानकारी नहीं देते तो उन्होंने कहा कि मेरे पास पर्याप्त साक्ष्य हैं ।

भाजपा में चल रही कलह के दौरान मूल विचारधारा से जुड़े हुए एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि बड़े ताज्जुब की बात है । अन्य राजनीतिक दलों से छोटी-छोटी बातों पर इस्तीफा मांगने वाले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को क्या इस मामले की जानकारी नहीं थी ? या फिर उन्होंने किसी दबाव के तहत ऐसी नियुक्ति कर डाली । हाल ही में भारतीय जनता पार्टी के मीडिया इंचार्ज लोकेंद्र पाराशर को हटाकर आशीष अग्रवाल को मीडिया इंचार्ज बनाया गया है । लोकेंद्र पाराशर   ग्वालियर से आते हैं ऐसी स्थिति में यह सवाल भी उठ रहा है की क्या इस बात की जानकारी लोकेंद्र पाराशर को भी नहीं थी ?  या फिर लोकेंद्र पाराशर ने इसे पार्टी से छुपाने का काम किया है।

 

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गौरव चतुर्वेदी
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