सिंगोली में भूसा परिवहन का खेल, प्रतिबंध के बावजूद राजस्थान जा रहे ओवरलोड वाहन, जाम से जनता परेशान

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के सिंगोली नगर में इन दिनों भूसे से भरे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद बड़ी संख्या में वाहन लगातार राजस्थान की ओर जा रहे हैं। इन भारी वाहनों के कारण शहर की मुख्य सड़कों पर रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। इसका असर आम लोगों, छात्रों, दुकानदारों और यात्रियों पर साफ दिखाई दे रहा है। लोग अब इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सिंगोली राजस्थान सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है, इसलिए यहां मालवाहक वाहनों की आवाजाही हमेशा बनी रहती है। लेकिन पिछले कुछ समय से भूसे से लदे ओवरलोड ट्रकों और अन्य वाहनों की संख्या बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर भारी वाहन चलते रहते हैं। कई बार बाजार और मुख्य चौराहों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों का समय बर्बाद होता है और रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं। लोगों का सवाल है कि जब भूसा परिवहन पर प्रतिबंध लागू है तो फिर इतनी बड़ी संख्या में वाहन सीमा पार कैसे पहुंच रहे हैं।

 सिंगोली ट्रैफिक जाम से बढ़ रही आम लोगों की परेशानी

सिंगोली नगर की सड़कें पहले से ही सीमित चौड़ाई वाली हैं। ऐसे में जब ओवरलोड वाहन एक साथ निकलते हैं तो यातायात व्यवस्था प्रभावित होना स्वाभाविक है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक बाजार तक आसानी से नहीं पहुंच पाते। वहीं स्कूली बच्चों को स्कूल आने-जाने में देरी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस और जरूरी सेवाओं के वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।

यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे शहरों में भारी वाहनों की आवाजाही को समयबद्ध तरीके से नियंत्रित करना जरूरी होता है। यदि ऐसे वाहनों के लिए अलग रूट या निश्चित समय तय न किया जाए तो शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित होती है। सिंगोली में भी स्थानीय लोग यही मांग कर रहे हैं कि प्रशासन भारी वाहनों के संचालन को व्यवस्थित करे और जाम की समस्या का स्थायी समाधान निकाले। लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है।

अवैध भूसा परिवहन पर उठ रहे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि भूसा परिवहन जारी है तो इसकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। लोगों का आरोप है कि नियमों का पालन जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। हालांकि प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन नागरिक लगातार निगरानी बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

कृषि और पशुपालन से जुड़े जानकारों का कहना है कि भूसा पशुओं के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। ऐसे में इसके परिवहन और उपलब्धता को लेकर सरकार समय-समय पर नियम लागू करती है। यदि किसी क्षेत्र में प्रतिबंध लागू है तो उसका उद्देश्य स्थानीय जरूरतों को प्राथमिकता देना होता है। सिंगोली के मामले में भी लोग चाहते हैं कि नियमों का समान रूप से पालन हो और यदि कहीं अनियमितता हो रही है तो उस पर कार्रवाई की जाए। फिलहाल नगरवासियों की सबसे बड़ी चिंता जाम, सड़क सुरक्षा और नियमों के प्रभावी पालन को लेकर है, जिसे लेकर वे प्रशासन से जल्द कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

Share:

Next

सिंगोली में भूसा परिवहन का खेल, प्रतिबंध के बावजूद राजस्थान जा रहे ओवरलोड वाहन, जाम से जनता परेशान


Related Articles


Leave a Comment