पटिए पर बांध मोटरसाइकिल से घसीटकर ले गए मां का शव, सड़क पर अंतिम संस्कार, मानवअधिकार आयोग हुआ सख्त 

खबर नेशन / Khabar Nation

भोपाल: मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मानव अधिकार हनन से जुड़े पांच मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।

पटिया से बांधकर 80 किमी दूर बाइक से घर ले गये मां का शव

आयोग ने कमिश्नर हेल्थ, कमिश्नर शहडोल सहित कलेक्टर, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक और सीएमएचओ शहडोल से तीन सप्ताह में मांगा जवाब

शहड़ोल के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बीते रविवार की सुबह शव वाहन न मिलने से 70 वर्षीय जयमंत्री यादव का शव बाइक से ले जाना पड़ा। अनूपपुर जिले के कोतमा गोडा: गांव तक 80 किमी का सफर तय करने लिये बेटे सुंदर यादव और परिजन ने 100 रूपये के पटियों का सहारा लिया। पटियों पर अर्थी की तरह शव रखा और फिर बाइक से बांधकर ले गये। परिवार प्रायवेट वाहन से शव ले जाने में असमर्थ था| क्योंकि वाहन 4.5 हजार रूपये में मिल रहा था। मामले के मीडिया में आने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल, शहडोल के अधीक्षक का कहना है कि एंबुलेंस की सुविधा नहीं है और न हीं शव वाहन है। दो एंबुलेंस दी गईं हैं, जिनके रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया की जा रही है। रजिस्ट्रेशन के बाद ही मरीजों को सुविधा दी जायेगी। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने कमिश्नर, स्वास्थ्य सेवायें, भोपाल, कमिश्नर, शहडोल संभाग सहित कलेक्टर, शहडोल, मेडिकल कॉलेज अस्पताल शहडोल के अधीक्षक तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), शहडोल से तीन सप्ताह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।

नवजात मृत पैदा हुआ, प्रसूता की भी मौत

सीएमएचओ राजगढ़ दें एक माह में जवाब

राजगढ़ जिले के ब्यावरा के सिविल अस्पताल में भर्ती पीपलहेला की जमुना पति कमलेश नागर बच्चे को जन्म देने के बाद भोपाल ले जाते समय मौत हो गई। बीते गुरुवार को करीब तीन बजे जमुना ने मृत नवजात को जन्म दिया। तबीयत बिगड़ने पर उसे भोपाल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। भोपाल के जिला अस्पताल में प्रसूता को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने ब्यावरा के सिविल अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) राजगढ़ से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।

डिलेवरी के लिये आई प्रसूता की डॉक्टर ने काट दी गलत नस

सचिव, स्वास्थ्य, कलेक्टर, एसपी व सीएमएचओ, उज्जैन दें एक माह में जवाब

उज्जैन शहर के आरडी गार्डी अस्पताल में डिलेवरी के लिये भर्ती हुई एक महिला ने बीते गुरूवार को स्वस्थ शिशु को जन्म दिया, लेकिन गलत नस कटने से अधिक खून बहना शुरू हो गया। परिजनों ने 18 बॉटल ब्लड दिया, इसके बावजूद रात में महिला ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला डॉक्टर ने गलत नस काटी और उपचार में इसी लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई। उज्जैन शहर की चिमनगंज पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराया। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मप्र शासन सहित कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ), उज्जैन से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।   

सड़क पर करना पड़ा अंतिम संस्कार

कलेक्टर और सीईओ को देना होगा तीन सप्ताह में जवाब

भिण्ड जिले के मेहगांव की ग्राम पंचायत गाता के मजरा अजनौल में ग्रामीणों ने बीच सड़क पर वृद्धा का अंतिम संस्कार किया। ग्रामीण इस बात को लेकर नाराज दिखे कि उनके यहां आज तक मुक्तिधाम नहीं बन सका है। हालांकि, मुक्तिधाम न होने से ग्रामीण कई सालों से खेत में अंतिम संस्कार करते रहे हैं। खेतों में पानी भरा होने से ग्रामीणों ने सड़क पर ही अंतिम संस्कार कर देने का निर्णय लिया। मामला बीते रविवार (24 जुलाई 22) का है। इसका वीडियो सामने आने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने राशि आवंटित होने के बाद भी मुक्तिधाम नहीं बनाने पर ग्राम पंचायत को नोटिस जारी किया है। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत भिण्ड़ से तीन सप्ताह में जवाब मांगकर यह भी पूछा है कि इस गांव में अभी तक मुक्तिधाम क्यूं नहीं बना है?

आरक्षक ने बुजुर्ग को लात-घूसों से पीटा, पटरी पर लटकाया

एसपी, जीआरपी, जबलपुर एक माह में दें जवाब

जबलपुर रेलवे स्टेशन पर नरसिंहपुर के करेली निवासी वयोवृद्ध गोपाल प्रसाद के साथ मारपीट करने के बाद फिर उसको घसीटकर रेल ट्रैक की तरफ लटकाने वाला मप्र पुलिस का जवान ही निकला। आरोपी अनंत कुमार शर्मा, रीवा जिले के लार थाने में पदस्थ है। उसे पहचान होने के बाद तत्काल सस्पेंड कर दिया गया है। ये घटना जबलपुर स्टेशन पर 28 जुलाई 2022 को हुई थी। सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद आरपीएफ और जीआरपी ने स्टेशन के सीसीटीव्ही फुटेज खंगाले थे। इसके बाद आरोपी की पहचान के लिये जिलों में भी वीडियो फुटेज भेजे गयेए जिससे अंततः आरोपी की पहचान हो ही गयी। मामले में मप्र मानव अधिकार आयोग ने पुलिस अधीक्षक, शासकीय रेल पुलिस (जीआरपी), जबलपुर से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।

मप्र मानव अधिकार आयोग में मामला आने पर दो आवेदकों को मिला ग्रेच्युटी, एरियर्स व अन्य स्वत्वों का लाभ

मप्र मानव अधिकार आयोग में मामला आने पर दो आवेदकों को ग्रेच्युटी, एरियर्स व अन्य दावा-स्वत्वों का आर्थिक लाभ मिल चुका है। मामला टीकमगढ़ जिले का है। आयोग के प्रकरण क्रमांक 7328 टीकमगढ़ 2019 एवं 2764 टीकमगढ़ 2020 के अनुसार आवेदकों (सेवानिवृत्त भृत्य) प्रेमनारायण तिवारी व कोमलचंद्र जैन ने 16 अक्टूबर 2019 को आयोग में आवेदन लगाया कि उनको सेवानिवृत्त होने पर ग्रेच्युटी व सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिला हैए जिससे वे बीमारी का इलाज और बच्चों की शादी को लेकर तमाम छोटी-बड़ी समस्याओं के लिये भारी आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। अतः उन्हें ग्रेच्युटी एवं सातवें वेतनमान का भुगतान अतिशीघ्र दिलाया जाये। आयोग ने मामला दर्ज कर लिया और कलेक्टर टीकमगढ़ से रिपोर्ट मांगी। कलेक्टर टीकमगढ़ ने प्रकरण नगर परिषद् बल्देवगढ़ को भेज दिया। नगरपरिषद्, बल्देवगढ़ ने 10 मई 2022 को दोनों आवेदकों को ग्रेच्युटी, एरियर्स एवं सातवें वेतनमान का नियमानुसार भुगतान आदेश जारी कर दिया। इस आशय का प्रतिवेदन मुख्य नगरपरिषद अधिकारी, बल्देवगढ़, जिला टीकमगढ़ ने आयोग को भेजा है। चूंकि दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों की शिकायत और समस्या का अंतिम समाधान हो गया है, अतः आयोग में भी यह मामला अब समाप्त कर दिया गया है। करेंगे। 

 

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