केन-बेतवा परियोजना पर उमंग सिंघार के गंभीर आरोप, बोले- जमीन अधिग्रहण में बड़ी गड़बड़ी, निष्पक्ष जांच की मांग
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने केन-बेतवा लिंक परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि वह हाल ही में परियोजना प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लौटे हैं और वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है।
सिंघार ने आरोप लगाया कि छतरपुर और पन्ना के प्रभावित गांवों में लंबे समय से लोग जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं, लेकिन प्रदर्शन कर रहे महिला और बुजुर्गों को बलपूर्वक हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना ग्राम सभा की वैध स्वीकृति के जमीन का अधिग्रहण किया गया और जिन ग्राम सभाओं का हवाला दिया जा रहा है, उनमें वर्तमान सरपंच के हस्ताक्षर तक नहीं हैं।
उन्होंने दावा किया कि परियोजना से 14 गांव प्रभावित हैं, लेकिन मुआवजा वितरण में भारी अनियमितताएं हुई हैं। जिन लोगों की जमीन ही नहीं है, उन्हें मुआवजा दिया गया, जबकि कई वास्तविक पात्र परिवार अब भी वंचित हैं। सिंघार ने कहा कि अब तक करीब 450 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन कई लोगों के जमीन संबंधी दस्तावेज पुलिस ने जब्त कर लिए हैं, जिससे वे मुआवजे का दावा नहीं कर पा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि अभी न तो सभी प्रभावितों को मुआवजा मिला है और न ही विस्थापन की प्रक्रिया पूरी हुई है, इसके बावजूद डैम निर्माण की अनुमति दे दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भोपाल में भाजपा का नया कार्यालय भी जनता के मुआवजे के पैसे से बनाया जा रहा है और इसका निर्माण उसी कंपनी ने किया है जो इस परियोजना से जुड़ी हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की बात कही।