NH-347 के नाम पर किसानों से अन्याय? मुआवजे में गड़बड़ी के आरोप, अन्नदाताओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
खंडवा। बेतूल-खंडवा-इंदौर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-347) परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर हरसूद के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि सरकार उनकी जमीन तो ले रही है, लेकिन उचित मुआवजा देने से पीछे हट रही है।
किसानों का कहना है कि सरकारी आदेशों के बावजूद उन्हें गाइडलाइन का चार गुना प्रतिफल नहीं दिया जा रहा, जिससे उनके साथ सीधा अन्याय हो रहा है। खंडवा से हमारे संवाददाता मंगल धुर्वे की रिपोर्ट के अनुसार..... किसानों का दावा है कि क्षेत्र में जमीन का बाजार मूल्य 15 से 20 लाख रुपये प्रति एकड़ है, जबकि प्रस्तावित मुआवजा वास्तविक कीमत से काफी कम है।
उनका आरोप है कि वर्ष 2024 में अवार्ड पारित होने के बावजूद दो साल बाद भी मुआवजे का भुगतान नहीं हुआ। अब किसान 18 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान की मांग कर रहे हैं। प्रभावित किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो वे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीन ही परिवार की आजीविका का एकमात्र सहारा है और उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनके सामने जीवनयापन का संकट खड़ा हो जाएगा।
हालांकि, मुआवजे और अनियमितताओं से जुड़े ये आरोप किसानों की ओर से लगाए गए हैं। प्रशासन की ओर से इस पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।