गरीब विदयार्थियों के लिये कोचिंग की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी : मुख्यमंत्री चौहान
"मेरे दीनदयाल" अंतर्राष्ट्रीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ "काफी विद सी.एम."
भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा हैं कि मध्यप्रदेश को युवाओं के सपनों का प्रदेश बनाया जायेगा। उन्होने कहा कि गरीब विदयार्थियों को प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए कोचिंग की निशुल्क व्यवस्था की जाएगी। महापुरुषों की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। चौहान 'मेरे दीनदयाल' अंतर्राष्ट्रीय सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को संबोधित कर रहे थे । प्रत्येक जिले के छह विजेता विद्यार्थियों को आमंत्रित किया गया था। ''कॉफी विद सी.एम.'' के अंतर्गत मुख्यमंत्री ने विजेताओं के साथ काफी पी।
'मेरे दीनदयाल' प्रतियोगिता के विजेताओं ने मुख्यमंत्री से कई विषयों पर सवाल किए कई मुद्दों पर सुझाव भी दिए। चौहान ने कहा कि अमल करने योग्य सुझावों को तत्काल लागू किया जाएगा। विजेताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक दशक पहले के मध्यप्रदेश और आज के मध्यप्रदेश में जमीन आसमान का अंतर हैं । पहले मात्र 2900 मेगावाट बिजली उपलब्ध थी। आज 18 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध हैं। मध्य प्रदेश अब पावर सरप्लस स्टेट बन गया हैं । पहले सभी स्त्रोतों को मिलाकर मात्र साढे सात लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती थी। आज चालीस लाख हेक्टेयर में सिंचाई हो रही हैं। आने वाले वर्षों में अस्सी लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। पिछले पचास सालों में जितने कॉलेज खुले पिछले दस सालों खुल गये हैं। उन्होने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कर्मी कल्चर समाप्त करते हुए शिक्षा की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा हैं। कृषि में अभूतपूर्व प्रगति हुई हैं। कृषि विकास दर बीस प्रतिशत हैं। उन्होंने कहा कि युवा सशक्तिकरण मिशन के अंतर्गत प्रत्येक वर्ष पन्द्रह लाख युवाओं को रोजगार संबंधी कौशल परीक्षण और स्वरोजगार स्थापित करने के अवसर दिए जाएंगे ।
चौहान ने कहा कि किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना वरदान सिद्ध हुई हैं। अन्य राज्यों द्वारा इस योजना का अध्ययन किया जा रहा हैं। इसे देश में लागू किया जा सकता हैं। उन्होने कहा कि किसानों को गेंहू के लिये 2000 प्रतिक्विंटल दिये जाये जायेंगे ताकि उन्हें अपनी मेहनत का पूरा दाम मिल सके। (खबरनेशन / Khabarnation)