शिक्षा के मंदिर में घिनौना कृत्य, आधा दर्जन मासूम छात्राओं को पिलाया मूत्र!, मौके पर पहुंचे तहसीलदार-बीईओ
गुना। जिले के आरोन विकासखंड अंतर्गत एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा के मंदिर को कलंकित करने वाली घिनौनी और बेहद शर्मनाक करतूत सामने आई है। यहाँ कक्षा 5वीं में पढऩे वाली आधा दर्जन के करीब मासूम छात्राओं को कक्षा के ही शरारती छात्रों ने छल से पानी की बोतल में मूत्र मिलाकर पिला दिया। इस अमानवीय कृत्य के बाद जब मासूम छात्राएं रोते-बिलखते प्राचार्य के पास शिकायत लेकर पहुँचीं, तो संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए प्राचार्य ने उलटा जवाब दे दिया मुँह खराब हो गया हो तो 10-10 वाली चॉकलेट खा लो।
संस्था प्रमुख के इस असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने इस घिनौने अपराध की आग में घी डालने का काम किया, जिससे पूरे क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त हो गया है। घटना तब घटी जब पीडि़त छात्राएं पास में ही आंगनवाड़ी में रंगोली बनाने गई थी। इस दौरान उनके बैग एवं पानी की बोतलें कक्षाएं में ही थी। इस दौरान एक शरारती छात्र ने छात्राओं की बोतल में मूत्र भर दिया। जब वापस आकर छात्राओं ने पानी पिया और अन्य छात्राओं ने इसकी जानकारी तो उनकी तबियत खराब होने लगी।
सोमवार को घटी इस घिनौनी घटना की जानकारी जब मासूम पीडि़त छात्राओं ने घर पहुँचकर अपने परिजनों को दी, तो उनका खून खौल उठा। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार की सुबह स्कूल पहुँचकर जमकर हंगामा किया। कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए परिजनों ने स्कूल में ताला जड़ दिया और दोषी छात्रों व ढुलमुल रवैया अपनाने वाली प्राचार्या के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामा बढ़ता देख स्कूल परिसर में हडक़ंप मच गया और आनन-फानन में प्रशासनिक अमले को इसकी सूचना दी गई।
एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुँचे तहसीलदार और बीईओ
मामले की गंभीरता और स्थिति के तनावपूर्ण होते ही आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने तत्काल संज्ञान लिया। हालांकि वह स्वयं घटना स्थल पर नहीं पहुंची। उन्होंने तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और बीईओ को फौरन मौके पर पहुँचकर स्थिति संभालने के निर्देश दिए। बाद में सरपंच के साथ दो बच्चियों को आरोन एसडीएम के समक्ष लाया गया। जहां एसडीएम ने उनसे पूरी जानकारी ली। जिसमें एक बच्ची पीडि़ता है तो दूसरी गवाह है। इधर प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ गाँव पहुँचे और पीडि़त छात्राओं, उनके परिजनों तथा आरोपी छात्रों के विस्तृत बयान दर्ज किए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम मंजूषा खत्री ने बीईओ को पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर आगामी दो दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
शिक्षा के मंदिर में संवेदनहीनता की पराकाष्ठा, उठ रहे गंभीर सवाल
मासूम बच्चियों के साथ हुई इस नीच हरकत और उस पर स्कूल प्रशासन की अनदेखी ने स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जहाँ बच्चों को संस्कार और सुरक्षा मिलनी चाहिए, वहाँ इस तरह का घिनौना व्यवहार और प्रशासनिक संवेदनहीनता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि दो दिनों के भीतर जांच के बाद दोषियों और लापरवाही बरतने वाली प्राचार्या के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शिक्षा के मंदिर में घिनौना कृत्य, आधा दर्जन मासूम छात्राओं को पिलाया मूत्र!, मौके पर पहुंचे तहसीलदार-बीईओ