जीतू यादव की भाजपा में वापसी हमले के आरोपों में हुए थे निष्कासित, पुलिस जांच में क्लीन चिट के बाद संगठन का फैसला

इंदौर। भाजपा ने कुलकर्णी नगर के पार्षद जीतू यादव का करीब निष्कासन समाप्त कर दिया है। पार्षद कमलेश कालरा के घर हुए हमले और उनके नाबालिग बेटे से बदसलूकी के मामले के बाद यादव को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया था। अब पुलिस जांच में यादव को क्लीन चिट मिलने का हवाला देते हुए संगठन ने उनका निष्कासन वापस ले लिया है।

प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने इस संबंध में भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा को पत्र भेजा है। पत्र में पुलिस जांच के आधार पर यादव को मामले में दोषमुक्त पाए जाने का उल्लेख किया गया है। इसके साथ ही उनका पार्टी से किया गया निष्कासन समाप्त करने की जानकारी दी गई है।

MIC की कुर्सी पर भी नजर

निष्कासन के साथ ही यादव से एमआईसी सदस्य का पद भी वापस ले लिया गया था। पार्टी में वापसी के बाद यादव को दोबारा एमआईसी में जगह मिलने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला संगठन और महापौर परिषद को लेना होगा।

हमले के बाद गरमाई थी सियासत

मामले की शुरुआत नगर निगम कर्मचारी और पार्षद कमलेश कालरा की एक कथित कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद हुई थी। इसके बाद कालरा के घर पर हमला हुआ और घटना के वीडियो भी सामने आए। हमले के दौरान उनके नाबालिग बेटे के साथ बदसलूकी के आरोप लगे थे। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। घटना के बाद विधायक मालिनी गौड़ ने भी जीतू यादव के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच भाजपा ने यादव को संगठन से बाहर कर दिया था।

निकाय चुनाव से पहले वापसी के मायने

जीतू यादव की पार्टी में वापसी को आगामी नगर निगम चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कुलकर्णी नगर क्षेत्र में यादव और उनके परिवार की राजनीतिक पकड़ लंबे समय से बनी हुई है। करीब नौ वर्षों से यादव परिवार के सदस्य पार्षद रहे हैं। ऐसे में चुनावी समीकरणों के बीच संगठन द्वारा निष्कासन समाप्त करने का फैसला स्थानीय राजनीति में अहम माना जा रहा है।

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