मत्स्य पालन से 30 परिवार हुए समृद्ध

भोपाल। शाजापुर जिले की मारूति नंदन मत्स्योद्योग समिति के 30 सदस्यों ने मत्स्य पालन विभाग से मार्गदर्शन लेकर मछली-पालन, सिंघाड़े की पैदावार और कमल के फूलों के उत्पादन का रास्ता अपनाया। आज यह व्यवसाय इन सदस्यों के परिवारों की उन्नति और खुशहाली का जरिया बन गये हैं।  

मारूति नंदन मत्स्योद्योग समिति ने शुरूआत में ग्राम सिमरौल और मखावद के तालाब पट्टे पर लिए। इन तालाबों में मछली उत्पादन किया। इसी मछली के विक्रय से सालाना 15 लाख रुपये की आमदनी होने लगी। समिति के सदस्य इस उपलब्धि पर यहीं नहीं ठहरे, बल्कि तालाब में सिंघाड़े की पैदावार भी करने लगे। सिंघाड़े की पैदावार से 7 लाख रुपये सालाना की अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी बन गया। पिछले वर्ष तालाब में नया प्रयोग कर कमल के फूल भी लगाए जिससे तकरीबन 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई।

मत्स्योद्योग समिति के अध्यक्ष गोपाल ने मछली-पालन, मत्स्याखेट, सिंघाड़े और कमल के फूलों की पैदावार का काम बढ़ जाने से सदस्यों को अब अलग-अलग जवाबदारी सौंप दी हैं। सभी सदस्य स्थानीय बाजार के साथ-साथ सारंगपुर, इंदौर और भोपाल आदि स्थान पर धंधे को विकसित कर आर्थिक तरक्की के दौर में पहुँच गए हैं। (खबरनेशन / Khabarnation)
 

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