कांग्रेस विधायक आदिवासियों की जमीन हड़प रहे : रौतेले
पीड़ित आदिवासी परिवार न्याय के लिए दर-दर भटक रहा
खबर नेशन / Khabar Nation
भोपाल। कांग्रेस आदिवासी हितैषी होने का दावा करती है, लेकिन उनके ही नेता और विधायक आदिवासियों की जमीन हड़प रहे हैं। गरीब आदिवासी न्याय की गुहार लगा रहे हैं लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते शासन प्रशासन भी पंगू बना हुआ है और कार्यवाही करने से बच रहा है। अनूपपुर जिले के ग्राम सकरिया निवासी भिखमतिया कोल की पैतृक जमीन अनूपपुर विधायक बिसाहूलाल सिंह ने षडयंत्रपूर्वक अपनी पत्नी जगोतिया बाई के नाम कर ली और पीड़ित आदिवासी वृद्ध महिला न्याय के लिए दर-दर ठोकरे खा रही है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रामलाल रौतेले ने रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। श्री रौतेले के साथ पीड़ित आदिवासी महिला भिखमतिया कोल, पुत्र संतोष कोल और उसके परिजन भी मौजूद थे। पीड़ित परिवार ने मीडिया के सामने धोखाधड़ी के साक्ष्य भी प्रस्तुत किए।
आदिवासी जिले अनूपपुर के ग्राम सकरिया निवासी श्रीमती भिखमतिया कोल की पैतृक साढ़े 9 एकड़ जमीन में से तत्कालीन पटवारी रमेश सिंह गौड़ द्वारा 2007 में 20 डिसमिल जमीन का सौदा किया गया था। लेकिन उससे अधिक भूमि पर कब्जा कर लिया गया। वृद्ध महिला द्वारा शिकायत करने पर पटवारी रमेश सिंह द्वारा बहला-फुसला कर उस जमीन को अपनी पत्नी बेला बाई के नाम करवा लिया गया। साथ ही पीड़िता से कोरे कागजों पर अंगूठा लगवाया गया था। पीड़िता को बिना जानकारी के और कोई सौदा किए बगैर जमीन के कुछ हिस्से का नामांतरण कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह ने अपनी पत्नी के नाम करवा लिया। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार में जिले के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और संबंधित अधिकारियों से मिला लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। न्याय के अभाव में पीड़ित परिवार रविवार को भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्री रामलाल रौतेल के साथ प्रदेश कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों को कांग्रेस विधायक द्वारा की गई धोखाधड़ी की जानकारी दी।
श्री रामलाल रौतेले ने मीडिया के समक्ष पीड़ित परिवार का पक्ष रखते हुए कहा कि उक्त भूमि का सौदा न कभी हुआ और न ही विधायक द्वारा किसी तरह की राशि जमीन को लेकर दी गई। षडयंत्रपूर्वक राजनीतिक दबाव से विधायक बिसाहूलाल सिंह ने जमीन हड़प ली। राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में पीड़ित आदिवासी महिला और उसके परिजनों को न्याय नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पटवारी रमेश सिंह द्वारा धोखाधड़ी की गई और षडयंत्रपूर्वक जमीन के कागजों में हेराफेरी की गई। ऐसे भ्रष्ट पटवारी को शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए। साथ ही उस जमीन पर विधायक बिसाहूलाल सिंह का कब्जा है। उसे तत्काल बेदखल कर पीड़िता को दिया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ आदिवासियों के संरक्षण और उनको अधिकार संपन्न बनाएं जाने की वकालत करते हैं लेकिन उनके ही विधायक आदिवासियों का शोषण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री कमलनाथ को इस बात पर संज्ञान लेकर तत्काल पीड़िता को न्याय देना चाहिए।