केदारनाथ यात्रा पर बड़ा अपडेट: भारी बारिश और भूस्खलन के चलते यात्रा रोकी गई, हजारों श्रद्धालु रास्ते में फंसे
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहती है। इस बार भी बड़ी संख्या में यात्री केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। लेकिन मौसम के अचानक बदले मिजाज ने यात्रा की रफ्तार धीमी कर दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कई जगहों पर सड़कें प्रभावित हुई हैं, जिससे प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा रोकने का फैसला लेना पड़ा।
रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन के अनुसार मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए यात्रियों को फिलहाल आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं से धैर्य बनाए रखने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
बद्रीनाथ धाम मार्ग पर भारी जाम, यात्रियों को घंटों इंतजार
केदारनाथ यात्रा पर रोक के बीच बद्रीनाथ धाम जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-7 भी दबाव झेल रहा है। जोशीमठ के आसपास वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। हजारों श्रद्धालु सड़क पर फंसे हुए हैं और उन्हें घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए टोकन आधारित एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की है। इसके तहत निश्चित समय अंतराल पर वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इससे जाम की समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। हालांकि लगातार बढ़ रही भीड़ और मौसम की चुनौती के कारण हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं।
जानकारी के मुताबिक प्रतिदिन 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। वहीं हेमकुंड साहिब के लिए भी हजारों यात्री रवाना हो रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने से सड़क और यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
चारधाम यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
विशेषज्ञों और प्रशासन की सलाह है कि चारधाम यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम बहुत तेजी से बदलता है और कुछ घंटों में ही हालात पूरी तरह अलग हो सकते हैं। ऐसे में यात्रा से पहले सरकारी एडवाइजरी और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों पर नजर रखना जरूरी है।
यात्रियों को अपने साथ जरूरी दवाइयां, गर्म कपड़े, रेनकोट और पर्याप्त जरूरी सामान रखने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा यात्रा के दौरान किसी भी अफवाह पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक जानकारी पर ही विश्वास करें। प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तुरंत सहायता मिल सके। फिलहाल मौसम की चुनौती और भारी भीड़ के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और मौसम सामान्य होते ही यात्रा को सुचारु रूप से शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
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