आवेश में मनमोहन सरकार को ही फर्जी कह रहे हैं सूरजेवालाः बंशीलाल गुर्जर
खबर नेशन / Khabar Nation
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्री बंशीलाल गुर्जर ने कहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी श्री रणदीप सिंह सूरजेवाला झूठ का पिटारा लेकर मध्यप्रदेश में आए है। वे झूठ बोलते-बोलते अपनी ही सरकारों को कठघरे में खडा करने में भी चूकते। वे आवेश में यह भी भूल गए कि कृषि कर्मण पुरस्कार को लेकर उन्होंने जिस फर्जीवाडे का आरोप लगाया है वह कृषि कर्मण पुरस्कार श्रीमान मनमोहन सिंह सरकार के दौरान मध्यप्रदेश को मिले थे और कांग्रेस की ही सरकार के कृषि मंत्री श्रीमान शरद पवार ने भरी संसद में मध्यप्रदेश की कृषि में विकास को लेकर जमकर प्रशंसा की थी।
श्री गुर्जर ने पूछा है कि क्या श्री सूरजेवाला, मनमोहन सिंह और शरद पवार से यह पूछेंगे कि यह फर्जीवाडा उन्होंने क्यों किया ?
श्री गुर्जर ने कृषि संबंधी आंकड़ों में धोखाधड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए सूरजेवाला के बयान को कांग्रेस की लाचारी बताया है। कांग्रेस के पास कोई मुद्धा नहीं बचा है, इसलिए वह इस तरह के ऊल-जलूल आरोप मढ़कर प्रदेश सरकार की छवि खराब करने और जनता तथा मध्यप्रदेश के किसानों के अपमान का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान की सरकार ने कृषि कर्मण अवार्ड अपने काम और ठोस उपलब्धियों के आधार पर हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कृषि उत्पादन और कृषि विकास दर में हुई बढ़ोतरी एक यथार्थ और कांग्रेस इसे लेकर चाहे जितना झूठ बोले, प्रदेश सरकार की इन उपलब्धियों की चमक को फीका नहीं कर सकती।
अपनी ही सरकार को झूठा बता रहे सुरजेवाला
श्री गुर्जर ने कहा है कि कृषि कर्मण अवार्ड की शुरुआत यूपीए सरकार ने ही की थी। प्रदेश सरकार को अब तक जो पांच कृषि कर्मण अवार्ड मिले हैं, उनमें से दो अवार्ड वर्ष 2012-13 और 2013-14 के लिए भी हैं। इन सालों में केंद्र में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। निश्चित तौर पर प्रदेश को कृषि कर्मण अवार्ड दिए जाने का फैसला केंद्र सरकार ने अपनी पूरी जांच पड़ताल और तसल्ली करने के बाद ही दिया होगा। अब उन अवार्ड पर सवाल उठाकर कांग्रेस अपनी ही सरकार और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह को झूठा बता रहे हैं।
मध्यप्रदेश राष्ट्रीय औसत से आगे
प्रदेश महामंत्री श्री गुर्जर ने सुरजेवाला द्वारा प्रदेश सरकार पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने जिस कृषि सेंसस के आधार पर प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए हैं, उसी सेंसस के अनुसार प्रदेश का कुल जोत क्षेत्र 1.05 प्रतिशत घटा है। जबकि इस दौरान कर्नाटक जैसे राज्य में जहां कांग्रेस की सरकार रही है, कृषि जोत में 3.6 प्रतिशत की कमी आई है। कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में औसत कृषि भूमि मिल्कियत कम होने का आरोप लगाया है, जबकि यह अभी भी राष्ट्रीय औसत से ज्यादा है। श्री गुर्जर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर औसत कृषि भूमि मिल्कियत 1.08 हेक्टेयर है, जबकि मध्यप्रदेश में यह 1.57 हेक्टेयर है। कांग्रेस द्वारा लगाए गए सीमांत कृषकों के पास भूमि कम होने के आरोप के बारे में श्री गुर्जर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर सीमांत कृषकों की औसत जोत 0.38 हेक्टेयर है, जबकि मध्यप्रदेश में यह 0.49 हेक्टेयर है।
प्रदेश सरकार ने किया कृषि क्षेत्र का विकास
श्री गुर्जर ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में चौतरफा विकास किया है। उन्होंने आंकड़ों के हवाले से बताया कि कांग्रेस के शासन में वर्ष 2003-04 प्रदेश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 1.59 करोड़ मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2017-18 में बढ़कर 4.44 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। 2003-04 में प्रदेश की कृषि विकास दर 3 प्रतिशत थी, जो 2017-18 में बढ़कर20 प्रतिशत पर पहुंच गई है। 2003-04 में कुल 7.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती थी, जबकि 2017-018 में यह बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया है। श्री गुर्जर ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने 15 वर्षों के कार्यकाल में सिंचाई के लिए आवंटित बजट में कांग्रेस सरकार की तुलना में 15 गुना बढ़ोतरी की है।