दतिया उपचुनाव: भाजपा की साख बचाने मैदान में उतरेंगे 40 स्टार प्रचारक, पूरी ताकत के साथ चुनावी अभियान शुरू
दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति तेज कर दी है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद पार्टी इस सीट को प्रतिष्ठा का चुनाव मानकर चल रही है। यही कारण है कि भाजपा ने प्रदेशभर के करीब 40 स्टार प्रचारकों और वरिष्ठ नेताओं को चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी सौंपी है।
मुख्यमंत्री सहित कई बड़े नेता करेंगे प्रचार
भाजपा के चुनावी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय और प्रदेश स्तर के मंत्री, सांसद, विधायक तथा संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी लगातार दतिया में चुनाव प्रचार करेंगे। पार्टी ने बूथ स्तर तक जिम्मेदारियां तय कर दी हैं, ताकि प्रत्येक क्षेत्र में संगठन की सक्रिय मौजूदगी बनी रहे।
बूथ स्तर तक तैयार की गई रणनीति
भाजपा ने चुनाव प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं और नेताओं की जिम्मेदारियां निर्धारित की हैं। प्रत्येक नेता को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे मतदाताओं तक सीधे पहुंच बनाई जा सके और संगठनात्मक समन्वय बेहतर रहे।
प्रतिष्ठा का चुनाव माना जा रहा दतिया उपचुनाव
राजनीतिक गलियारों में दतिया उपचुनाव को भाजपा की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेता का टिकट काटे जाने के बाद पार्टी किसी भी तरह का राजनीतिक जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि संगठन ने अपने प्रमुख नेताओं और प्रचारकों को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है।
सबकी नजरें चुनावी नतीजों पर
दतिया उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा अपने स्टार प्रचारकों और संगठनात्मक रणनीति के दम पर इस सीट को बरकरार रख पाती है या नहीं। चुनावी नतीजे प्रदेश की राजनीति में आगे की दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।