वर्षों बीत गये पर नहीं बनी आधा किलोमीटर लम्बी रोड
खबर नेशन /Khabar Nation
नरसिंहपुर - ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिये लाखों रुपए की राशि शासन द्वारा जारी की जाती है जिसमें ग्रामीणों की मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखकर प्राथमिकता से कार्य किये जाते हैं, किंतु सालों बीत जाने के बाद भी गांव में ग्रामीणों के लिए अगर सड़क का निर्माण ना किया जाए तो लगता है कि शासन प्रशासन और पंचायतों में बैठे जनप्रतिनिधि आम जनता के हितों की अनदेखी कर रहे हैं । ऐसा ही एक मामला नरसिंहपुर विधानसभा की ग्राम पंचायत बंदरोहा में सामने आया है पिछले दिनों हुई भारी बारिश से परेशान ग्रामीण लगभग आधा किलोमीटर या कहें 700 मीटर की सड़क में जिस तरह से परेशान हुए हैं उससे लगता है कि शासन स्तर पर जो विकास के दावे किए जाते हैं वह केवल कोरी बातें ही हैं 700 मीटर लम्बी इस सड़क को लेकर ग्राम पंचायत बंदरोहा के खाप-खेरवानी टोला के ग्रामीण विगत कई सालों से विभिन्न स्तर पर आवेदन देकर अपने गांव की ओर जाने वाली सड़क बनाये जाने की मांग करते रहे हैं बावजूद इसके अभी तक उस आधा किलोमीटर की सड़क का निर्माण नहीं किया गया है । ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अगर पक्की सीसी रोड नहीं बनाई जा रही है तो बोल्डर और मुरम डालकर कुछ ऐसी सड़क तो बनाई जा सकती है कि जिससे बरसात के समय होने वाली परेशानियों से उन्हें छुटकारा मिल सके वही कुछ लोग अगर बरसात के समय बीमार हो जाये तो उन्हें उचित व्यवस्था कर अस्पताल तक पहुंचाया जा सके । किन्तु इतना सब करने के बाद भी उनकी सड़क निर्माण की मांग को अभी तक अनसुना किया जाता रहा है ।महत्वपूर्ण बात यह है कि नरसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ही 17 गांवों में आजादी के बाद से सड़क नहीं थी और जब लोगों ने पिछले 2013 के विधानसभा चुनाव में "रोड नहीं तो वोट नहीं " का नारा बुलंद कर चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया था तब उन 17 गांवों में सड़कों का निर्माण किया गया था । ऐसे में एक बार फिर यह लगता है कि नरसिंहपुर विधानसभा के कई और गांव हैं जहां पर सड़क है ना होने का दंश भोग रहे किन्तु उनके लिये सड़कों का निर्माण नहीं किया जा रहा है तो वह लोग भी कुछ इसी तरह कुछ और आंदोलन के लिये बाध्य न हो जायें ।