हमारी सरकार का कार्यकाल 'विकास की यात्रा': मुख्यमंत्री
भोपाल, 21 जुलाई । मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश सरकार का कार्यकाल विकास की यात्रा है। राज्य बीमारू से विकासशील, फिर विकसित बना है। अब इसे समृद्ध बनाने का प्रयास जारी है। सबको बुनियादी आवश्यक सुविधाएं, विकास के समान अवसर और संसाधन उपलब्ध हों, इसकी कोशिश लगातार हो रही है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने यह बातें शनिवार को 'हिन्दुस्थान समाचार' बहुभाषी न्यूज एजेंसी द्वारा आयोजित ‘विकास संवाद’ कार्यक्रम में कहीं।
देश की बहुभाषीय न्यूज एजेंसी 'हिन्दुस्थान समाचार' द्वारा शनिवार को मध्यप्रदेश के विकास पर केंद्रित ‘मध्यप्रदेश विकास संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन न्यू मार्केट स्थित समन्वय भवन में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सांसद प्रभात झा, असंगठित कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष सुल्तान सिंह शेखावत, जनसंपर्क एवं जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने, अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज, हिन्दुस्थान समाचार के उपाध्यक्ष अरविन्द मार्डीकर, सीईओ समीर कुमार उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश की सत्ता में आई, तो मध्यप्रदेश बीमारू राज्य था। यहां सड़कें तो थीं ही नहीं और जो थीं वह भी मिट्टी हो गई थीं। लोगों ने बसों का सफर करना छोड़ दिया था। अब मामला बिलकुल उल्टा है। विकास की यात्रा ने प्रदेश को बदला है। शानदार सड़कें हैं। वर्ष 2003 में विद्युत उत्पादन 2900 यूनिट था, जो बढ़कर 18364 मेगावॉट हो गया है। आजादी के बाद वर्ष 2003 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता कुल साढ़े सात लाख हेक्टेयर थी, हमने इसे 40 लाख हेक्टेयर कर लिया है और 80 लाख हेक्टेयर करने का रोडमैप तैयार है। कृषि में विगत पांच वर्षों से औसतन 20 प्रतिशत के लगभग वृद्धि दर बनी हुई है, इससे उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना में 17 लाख मकान बन रहे हैं। चीन, अमेरिका के संबंधों में तनाव के दृष्टिगत चीन में प्रदेश के सोयाबीन को बाजार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा प्रदेश की सड़कों को अमेरिका से अच्छा बताए जाने पर विपक्ष की आलोचना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अपने देश-प्रदेश पर उन्हें गर्व है। उनके लिए सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां है। गुलाम मानसिकता वाले ही इंग्लैंड, अमेरिका को अच्छा कह सकते हैं। गरीब को संबल देने का प्रयास मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना है। इसके अंतर्गत हर गरीब को रहने की भूमि का टुकड़ा, पक्का मकान, आर्थिक रूप से कमजोर को नि:शुल्क शिक्षा, 60 वर्ष से कम की उम्र में मृत्यु पर दो से चार लाख की अनुग्रह राशि, अंतिम संस्कार के लिए पांच हजार रुपये और गर्भधारण और प्रसूति सहायता के रूप में चार और बारह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कोख से लेकर अंतिम संस्कार तक सरकार गरीब के साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में जनसंपर्क एवं जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया और सोशल मीडिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सोशल मीडिया बहुत तेज है लेकिन प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तुलना में उसकी विश्वसनीयता कम होती है। उन्होंने 02 अप्रैल के दलित आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि यह आंदोलन सोशल मीडिया की ही उपज थी।
असंगठित कामगार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत ने प्रदेश में श्रमिकोंं की स्थिति की चर्चा करते हुए कहा कि कुल श्रमिकों में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की संख्या सबसे ज्यादा है और इस वर्ग के कल्याण के लिए कोई योजना नहीं थी। अब प्रदेश सरकार ने इस वर्ग के कल्याण के लिए कदम उठाए हैं। जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष राघवेंद्र गौतम ने कहा कि प्रदेश में जल और पर्यावरण संरक्षण की अनेक परियोजनाएं जन सहयोग से जन अभियान परिषद द्वारा चलाई जा रही हैं। उन्होंने मीडिया से भी इन परियोजनाओं में सहभागी बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रामदेव भारद्वाज ने कहा कि अपनी मातृभाषा का तिरस्कार करके कोई देश विकास नहीं कर सकता। उन्होंने विकास में हिन्दी की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अंग्रेजी न आने के कारण प्रदेश के सुशिक्षित युवाओं को कुंठित न होना पड़े, उनके लिए भी रोजगार के वैसे ही अवसर उपलब्ध हों, जैसे अंग्रेजी भाषी युवाओं के लिए उपलब्ध हैं, इसी उद्देश्य से अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय काम कर रहा है।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने ने दलाली, लायजनिंग करने वाले पत्रकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सोशल मीडिया ने उनकी धज्जियां उड़ा दी हैं। उन्होंने देश-प्रदेश के विकास में पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी की पत्रकारिता को शुद्ध और टकसाली पत्रकारिता बताया।
हिन्दुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी के उपाध्यक्ष अरविन्द मार्डीकर ने बताया कि हिन्दुस्थान समाचार की स्थापना बहुभाषी समाचार सेवा की आवश्यकता के दृष्टिगत वर्ष 1948 में दादा साहब आप्टे ने की थी। इसका वर्ष 2002 में श्रीकांत जोशी ने पुनर्रूथान किया। वर्तमान स्वरूप में वर्ष 2016 से तीव्र गति से प्रगतिरत है। उन्होंने सभी अतिथियों को स्मृतिचिह्र भेंट कर उनका सम्मान किया। सीईओ समीर कुमार ने सभी अतिथियों एवं विकास संवाद कार्यक्रम में सहभागी संस्थाओं के प्रति आभार प्रकट किया।
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